दैनिक पंचांग
लखनऊ पंचांग, शनि, 8 जून 2030
शनि, 8 जून 2030 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र मघा, योग व्याघात और करण गर है। राहु काल सुबह 8:38 – सुबह 10:21 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:11
- सूर्यास्त
- शाम 6:58
- तिथि
- सप्तमी · रात 9:28 तक
- नक्षत्र
- मघा · दोपहर 1:37 तक
- योग
- व्याघात
- करण
- गर
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 8:38 – सुबह 10:21
- यमगंड
- दोपहर 1:48 – दोपहर 3:32
- गुलिक काल
- तड़के 5:11 – सुबह 6:55
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:30 – दोपहर 12:18
- अमृत काल
- दोपहर 2:40 – शाम 4:23
आज लखनऊ में
शनि, 8 जून 2030 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र मघा, योग व्याघात और करण गर है। राहु काल सुबह 8:38 – सुबह 10:21 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 9 जून 2030 | अष्टमी | पूर्वा फाल्गुनी | शाम 5:15 – शाम 6:59 |
| सोम, 10 जून 2030 | नवमी | उत्तरा फाल्गुनी | सुबह 6:55 – सुबह 8:38 |
| मंगल, 11 जून 2030 | दशमी | हस्त | दोपहर 3:32 – शाम 5:16 |
| बुध, 12 जून 2030 | एकादशी | चित्रा | दोपहर 12:06 – दोपहर 1:49 |
| गुरु, 13 जून 2030 | द्वादशी | स्वाती | दोपहर 1:49 – दोपहर 3:33 |
| शुक्र, 14 जून 2030 | त्रयोदशी | अनुराधा | सुबह 10:22 – दोपहर 12:06 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 8 जून 2030 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; रात 9:28 तक।
शनि, 8 जून 2030 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र मघा है; दोपहर 1:37 तक।
शनि, 8 जून 2030 को लखनऊ में राहु काल कब है?
लखनऊ में राहु काल सुबह 8:38 – सुबह 10:21 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 8 जून 2030 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:11 और सूर्यास्त शाम 6:58 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।