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दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, गुरु, 23 मई 2030

गुरु, 23 मई 2030 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र श्रवण, योग शुक्ल और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 1:45 – दोपहर 3:27 है।

सूर्योदय
तड़के 5:15
सूर्यास्त
शाम 6:51
तिथि
सप्तमी · रात 10:36 तक
नक्षत्र
श्रवण · सुबह 6:24 तक
योग
शुक्ल
करण
विष्टि
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:45 – दोपहर 3:27
यमगंड
तड़के 5:15 – सुबह 6:57
गुलिक काल
सुबह 8:39 – सुबह 10:21
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:29 – दोपहर 12:17
अमृत काल
सुबह 11:12 – दोपहर 12:54

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आज लखनऊ में

गुरु, 23 मई 2030 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र श्रवण, योग शुक्ल और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 1:45 – दोपहर 3:27 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 24 मई 2030अष्टमीधनिष्ठासुबह 10:21 – दोपहर 12:03
शनि, 25 मई 2030नवमीशतभिषासुबह 8:38 – सुबह 10:21
रवि, 26 मई 2030दशमीपूर्वा भाद्रपदशाम 5:10 – शाम 6:52
सोम, 27 मई 2030एकादशीउत्तरा भाद्रपदसुबह 6:56 – सुबह 8:38
मंगल, 28 मई 2030द्वादशीरेवतीदोपहर 3:28 – शाम 5:11
बुध, 29 मई 2030त्रयोदशीअश्विनीदोपहर 12:03 – दोपहर 1:46

सामान्य प्रश्न

गुरु, 23 मई 2030 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; रात 10:36 तक।

गुरु, 23 मई 2030 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; सुबह 6:24 तक।

गुरु, 23 मई 2030 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल दोपहर 1:45 – दोपहर 3:27 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 23 मई 2030 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:15 और सूर्यास्त शाम 6:51 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।