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दैनिक पंचांग

कोलकाता पंचांग, शुक्र, 6 अगस्त 2032

शुक्र, 6 अगस्त 2032 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 5:10 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र आश्लेषा, योग सिद्धि और करण नाग है। राहु काल सुबह 10:04 – सुबह 11:42 है।

सूर्योदय
तड़के 5:10
सूर्यास्त
शाम 6:14
तिथि
अमावस्या · सुबह 10:42 तक
नक्षत्र
आश्लेषा · सुबह 6:53 तक
योग
सिद्धि
करण
नाग
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:04 – सुबह 11:42
यमगंड
दोपहर 2:58 – शाम 4:36
गुलिक काल
सुबह 6:48 – सुबह 8:26
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:09 – सुबह 11:57
अमृत काल
दोपहर 12:31 – दोपहर 2:09

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आज कोलकाता में

शुक्र, 6 अगस्त 2032 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 5:10 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र आश्लेषा, योग सिद्धि और करण नाग है। राहु काल सुबह 10:04 – सुबह 11:42 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोलकाता – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 7 अगस्त 2032प्रतिपदाआश्लेषासुबह 8:26 – सुबह 10:04
रवि, 8 अगस्त 2032द्वितीयामघाशाम 4:35 – शाम 6:13
सोम, 9 अगस्त 2032तृतीयापूर्वा फाल्गुनीसुबह 6:49 – सुबह 8:26
मंगल, 10 अगस्त 2032चतुर्थीउत्तरा फाल्गुनीदोपहर 2:56 – शाम 4:34
बुध, 11 अगस्त 2032पंचमीहस्तसुबह 11:41 – दोपहर 1:18
गुरु, 12 अगस्त 2032षष्ठीचित्रादोपहर 1:18 – दोपहर 2:55

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 6 अगस्त 2032 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अमावस्या है; सुबह 10:42 तक।

शुक्र, 6 अगस्त 2032 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आश्लेषा है; सुबह 6:53 तक।

शुक्र, 6 अगस्त 2032 को कोलकाता में राहु काल कब है?

कोलकाता में राहु काल सुबह 10:04 – सुबह 11:42 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 6 अगस्त 2032 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:10 और सूर्यास्त शाम 6:14 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।