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दैनिक पंचांग

कोलकाता पंचांग, मंगल, 6 जुलाई 2032

मंगल, 6 जुलाई 2032 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 4:57 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र मृगशिरा, योग गण्ड और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 3:03 – शाम 4:44 है।

सूर्योदय
तड़के 4:57
सूर्यास्त
शाम 6:25
तिथि
चतुर्दशी · शाम 6:48 तक
नक्षत्र
मृगशिरा · दोपहर 2:50 तक
योग
गण्ड
करण
विष्टि
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:03 – शाम 4:44
यमगंड
सुबह 8:19 – सुबह 10:00
गुलिक काल
सुबह 11:41 – दोपहर 1:22
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:07 – सुबह 11:55
अमृत काल
सुबह 7:28 – सुबह 9:09

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आज कोलकाता में

मंगल, 6 जुलाई 2032 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 4:57 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र मृगशिरा, योग गण्ड और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 3:03 – शाम 4:44 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोलकाता – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 7 जुलाई 2032अमावस्याआर्द्रासुबह 11:41 – दोपहर 1:22
गुरु, 8 जुलाई 2032प्रतिपदापुनर्वसुदोपहर 1:22 – दोपहर 3:03
शुक्र, 9 जुलाई 2032द्वितीयापुष्यसुबह 10:01 – सुबह 11:41
शनि, 10 जुलाई 2032तृतीयाआश्लेषासुबह 8:20 – सुबह 10:01
रवि, 11 जुलाई 2032चतुर्थीमघाशाम 4:44 – शाम 6:24
सोम, 12 जुलाई 2032पंचमीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 6:40 – सुबह 8:21

सामान्य प्रश्न

मंगल, 6 जुलाई 2032 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; शाम 6:48 तक।

मंगल, 6 जुलाई 2032 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मृगशिरा है; दोपहर 2:50 तक।

मंगल, 6 जुलाई 2032 को कोलकाता में राहु काल कब है?

कोलकाता में राहु काल दोपहर 3:03 – शाम 4:44 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 6 जुलाई 2032 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 4:57 और सूर्यास्त शाम 6:25 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।