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दैनिक पंचांग

कोलकाता पंचांग, शनि, 20 मार्च 2032

शनि, 20 मार्च 2032 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 5:40 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र आर्द्रा, योग सौभाग्य और करण कौलव है। राहु काल सुबह 8:42 – सुबह 10:13 है।

सूर्योदय
तड़के 5:40
सूर्यास्त
शाम 5:47
तिथि
नवमी · शाम 5:33 तक
नक्षत्र
आर्द्रा · सुबह 9:15 तक
योग
सौभाग्य
करण
कौलव
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 8:42 – सुबह 10:13
यमगंड
दोपहर 1:15 – दोपहर 2:45
गुलिक काल
तड़के 5:40 – सुबह 7:11
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:13 – दोपहर 12:01
अमृत काल
दोपहर 2:00 – दोपहर 3:31

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आज कोलकाता में

शनि, 20 मार्च 2032 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 5:40 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र आर्द्रा, योग सौभाग्य और करण कौलव है। राहु काल सुबह 8:42 – सुबह 10:13 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोलकाता – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 21 मार्च 2032दशमीपुनर्वसुशाम 4:17 – शाम 5:48
सोम, 22 मार्च 2032एकादशीपुष्यसुबह 7:09 – सुबह 8:41
मंगल, 23 मार्च 2032द्वादशीआश्लेषादोपहर 2:46 – शाम 4:17
बुध, 24 मार्च 2032त्रयोदशीमघासुबह 11:42 – दोपहर 1:14
गुरु, 25 मार्च 2032चतुर्दशीपूर्वा फाल्गुनीदोपहर 1:14 – दोपहर 2:46
शुक्र, 26 मार्च 2032पूर्णिमाउत्तरा फाल्गुनीसुबह 10:10 – सुबह 11:42

सामान्य प्रश्न

शनि, 20 मार्च 2032 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि नवमी है; शाम 5:33 तक।

शनि, 20 मार्च 2032 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आर्द्रा है; सुबह 9:15 तक।

शनि, 20 मार्च 2032 को कोलकाता में राहु काल कब है?

कोलकाता में राहु काल सुबह 8:42 – सुबह 10:13 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 20 मार्च 2032 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:40 और सूर्यास्त शाम 5:47 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।