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दैनिक पंचांग

कोलकाता पंचांग, रवि, 22 फ़रवरी 2032

रवि, 22 फ़रवरी 2032 को कोलकाता में सूर्योदय सुबह 6:03 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग प्रीति और करण बव है। राहु काल शाम 4:09 – शाम 5:36 है।

सूर्योदय
सुबह 6:03
सूर्यास्त
शाम 5:36
तिथि
द्वादशी · तड़के 5:58 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु · तड़के 5:20 तक
योग
प्रीति
करण
बव
वार
रविवार
राहु काल
शाम 4:09 – शाम 5:36
यमगंड
सुबह 11:50 – दोपहर 1:16
गुलिक काल
दोपहर 2:43 – शाम 4:09
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:21 – दोपहर 12:09
अमृत काल
दोपहर 12:33 – दोपहर 2:00

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आज कोलकाता में

रवि, 22 फ़रवरी 2032 को कोलकाता में सूर्योदय सुबह 6:03 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग प्रीति और करण बव है। राहु काल शाम 4:09 – शाम 5:36 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोलकाता – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 23 फ़रवरी 2032द्वादशीपुष्यसुबह 7:29 – सुबह 8:56
मंगल, 24 फ़रवरी 2032त्रयोदशीपुष्यदोपहर 2:43 – शाम 4:10
बुध, 25 फ़रवरी 2032चतुर्दशीआश्लेषासुबह 11:49 – दोपहर 1:16
गुरु, 26 फ़रवरी 2032पूर्णिमामघादोपहर 1:16 – दोपहर 2:44
शुक्र, 27 फ़रवरी 2032प्रतिपदापूर्वा फाल्गुनीसुबह 10:22 – सुबह 11:49
शनि, 28 फ़रवरी 2032द्वितीयाउत्तरा फाल्गुनीसुबह 8:54 – सुबह 10:21

सामान्य प्रश्न

रवि, 22 फ़रवरी 2032 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; तड़के 5:58 तक।

रवि, 22 फ़रवरी 2032 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुनर्वसु है; तड़के 5:20 तक।

रवि, 22 फ़रवरी 2032 को कोलकाता में राहु काल कब है?

कोलकाता में राहु काल शाम 4:09 – शाम 5:36 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 22 फ़रवरी 2032 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:03 और सूर्यास्त शाम 5:36 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।