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दैनिक पंचांग

कोलकाता पंचांग, मंगल, 27 जनवरी 2032

मंगल, 27 जनवरी 2032 को कोलकाता में सूर्योदय सुबह 6:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र पुष्य, योग विष्कम्भ और करण बव है। राहु काल दोपहर 2:35 – दोपहर 3:58 है।

सूर्योदय
सुबह 6:17
सूर्यास्त
शाम 5:21
तिथि
पूर्णिमा · शाम 6:22 तक
नक्षत्र
पुष्य · रात 2:08 तक
योग
विष्कम्भ
करण
बव
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 2:35 – दोपहर 3:58
यमगंड
सुबह 9:03 – सुबह 10:26
गुलिक काल
सुबह 11:49 – दोपहर 1:12
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:21 – दोपहर 12:09
अमृत काल
सुबह 8:21 – सुबह 9:44

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आज कोलकाता में

मंगल, 27 जनवरी 2032 को कोलकाता में सूर्योदय सुबह 6:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र पुष्य, योग विष्कम्भ और करण बव है। राहु काल दोपहर 2:35 – दोपहर 3:58 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोलकाता – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 28 जनवरी 2032प्रतिपदाआश्लेषासुबह 11:49 – दोपहर 1:12
गुरु, 29 जनवरी 2032द्वितीयामघादोपहर 1:12 – दोपहर 2:36
शुक्र, 30 जनवरी 2032तृतीयामघासुबह 10:26 – सुबह 11:49
शनि, 31 जनवरी 2032चतुर्थीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 9:03 – सुबह 10:26
रवि, 1 फ़रवरी 2032पंचमीउत्तरा फाल्गुनीशाम 4:00 – शाम 5:24
सोम, 2 फ़रवरी 2032षष्ठीहस्तसुबह 7:39 – सुबह 9:02

सामान्य प्रश्न

मंगल, 27 जनवरी 2032 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा है; शाम 6:22 तक।

मंगल, 27 जनवरी 2032 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुष्य है; रात 2:08 तक।

मंगल, 27 जनवरी 2032 को कोलकाता में राहु काल कब है?

कोलकाता में राहु काल दोपहर 2:35 – दोपहर 3:58 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 27 जनवरी 2032 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:17 और सूर्यास्त शाम 5:21 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।