दैनिक पंचांग
कोलकाता पंचांग, शनि, 17 जनवरी 2032
शनि, 17 जनवरी 2032 को कोलकाता में सूर्योदय सुबह 6:18 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग वरीयान और करण बालव है। राहु काल सुबह 9:02 – सुबह 10:24 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:18
- सूर्यास्त
- शाम 5:14
- तिथि
- पंचमी · सुबह 8:46 तक
- नक्षत्र
- पूर्वा भाद्रपद · सुबह 10:37 तक
- योग
- वरीयान
- करण
- बालव
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 9:02 – सुबह 10:24
- यमगंड
- दोपहर 1:08 – दोपहर 2:30
- गुलिक काल
- सुबह 6:18 – सुबह 7:40
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:19 – दोपहर 12:07
- अमृत काल
- दोपहर 1:49 – दोपहर 3:11
आज कोलकाता में
शनि, 17 जनवरी 2032 को कोलकाता में सूर्योदय सुबह 6:18 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग वरीयान और करण बालव है। राहु काल सुबह 9:02 – सुबह 10:24 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 18 जनवरी 2032 | षष्ठी | उत्तरा भाद्रपद | दोपहर 3:52 – शाम 5:14 |
| सोम, 19 जनवरी 2032 | सप्तमी | रेवती | सुबह 7:40 – सुबह 9:02 |
| मंगल, 20 जनवरी 2032 | अष्टमी | अश्विनी | दोपहर 2:31 – दोपहर 3:54 |
| बुध, 21 जनवरी 2032 | नवमी | भरणी | सुबह 11:47 – दोपहर 1:10 |
| गुरु, 22 जनवरी 2032 | दशमी | कृत्तिका | दोपहर 1:10 – दोपहर 2:32 |
| शुक्र, 23 जनवरी 2032 | एकादशी | रोहिणी | सुबह 10:25 – सुबह 11:48 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 17 जनवरी 2032 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; सुबह 8:46 तक।
शनि, 17 जनवरी 2032 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है; सुबह 10:37 तक।
शनि, 17 जनवरी 2032 को कोलकाता में राहु काल कब है?
कोलकाता में राहु काल सुबह 9:02 – सुबह 10:24 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 17 जनवरी 2032 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:18 और सूर्यास्त शाम 5:14 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।