दैनिक पंचांग
कोलकाता पंचांग, मंगल, 9 दिसंबर 2031
मंगल, 9 दिसंबर 2031 को कोलकाता में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र हस्त, योग प्रीति और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 2:10 – दोपहर 3:31 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:04
- सूर्यास्त
- शाम 4:52
- तिथि
- दशमी · रात 11:21 तक
- नक्षत्र
- हस्त · रात 11:43 तक
- योग
- प्रीति
- करण
- वणिज
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 2:10 – दोपहर 3:31
- यमगंड
- सुबह 8:46 – सुबह 10:07
- गुलिक काल
- सुबह 11:28 – दोपहर 12:49
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:01 – सुबह 11:49
- अमृत काल
- सुबह 8:06 – सुबह 9:27
आज कोलकाता में
मंगल, 9 दिसंबर 2031 को कोलकाता में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र हस्त, योग प्रीति और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 2:10 – दोपहर 3:31 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 10 दिसंबर 2031 | एकादशी | चित्रा | सुबह 11:29 – दोपहर 12:49 |
| गुरु, 11 दिसंबर 2031 | द्वादशी | स्वाती | दोपहर 12:50 – दोपहर 2:11 |
| शुक्र, 12 दिसंबर 2031 | त्रयोदशी | विशाखा | सुबह 10:09 – सुबह 11:29 |
| शनि, 13 दिसंबर 2031 | चतुर्दशी | अनुराधा | सुबह 8:48 – सुबह 10:09 |
| रवि, 14 दिसंबर 2031 | अमावस्या | ज्येष्ठा | दोपहर 3:33 – शाम 4:53 |
| सोम, 15 दिसंबर 2031 | प्रतिपदा | मूल | सुबह 7:29 – सुबह 8:49 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 9 दिसंबर 2031 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि दशमी है; रात 11:21 तक।
मंगल, 9 दिसंबर 2031 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र हस्त है; रात 11:43 तक।
मंगल, 9 दिसंबर 2031 को कोलकाता में राहु काल कब है?
कोलकाता में राहु काल दोपहर 2:10 – दोपहर 3:31 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 9 दिसंबर 2031 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:04 और सूर्यास्त शाम 4:52 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।