दैनिक पंचांग
कोलकाता पंचांग, बुध, 19 नवंबर 2031
बुध, 19 नवंबर 2031 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 5:51 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग धृति और करण बालव है। राहु काल सुबह 11:21 – दोपहर 12:44 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:51
- सूर्यास्त
- शाम 4:51
- तिथि
- पंचमी · दोपहर 2:00 तक
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा · रात 2:29 तक
- योग
- धृति
- करण
- बालव
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- सुबह 11:21 – दोपहर 12:44
- यमगंड
- सुबह 7:14 – सुबह 8:36
- गुलिक काल
- सुबह 9:59 – सुबह 11:21
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 10:54 – सुबह 11:42
- अमृत काल
- सुबह 9:17 – सुबह 10:40
आज कोलकाता में
बुध, 19 नवंबर 2031 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 5:51 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग धृति और करण बालव है। राहु काल सुबह 11:21 – दोपहर 12:44 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 20 नवंबर 2031 | षष्ठी | श्रवण | दोपहर 12:44 – दोपहर 2:06 |
| शुक्र, 21 नवंबर 2031 | सप्तमी | धनिष्ठा | सुबह 9:59 – सुबह 11:22 |
| शनि, 22 नवंबर 2031 | अष्टमी | शतभिषा | सुबह 8:37 – सुबह 10:00 |
| रवि, 23 नवंबर 2031 | नवमी | पूर्वा भाद्रपद | दोपहर 3:29 – शाम 4:51 |
| सोम, 24 नवंबर 2031 | एकादशी | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 7:16 – सुबह 8:38 |
| मंगल, 25 नवंबर 2031 | द्वादशी | रेवती | दोपहर 2:07 – दोपहर 3:29 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 19 नवंबर 2031 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; दोपहर 2:00 तक।
बुध, 19 नवंबर 2031 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है; रात 2:29 तक।
बुध, 19 नवंबर 2031 को कोलकाता में राहु काल कब है?
कोलकाता में राहु काल सुबह 11:21 – दोपहर 12:44 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 19 नवंबर 2031 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:51 और सूर्यास्त शाम 4:51 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।