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दैनिक पंचांग

कोलकाता पंचांग, शुक्र, 15 अगस्त 2031

शुक्र, 15 अगस्त 2031 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 5:13 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग वज्र और करण गर है। राहु काल सुबह 10:04 – सुबह 11:40 है।

सूर्योदय
तड़के 5:13
सूर्यास्त
शाम 6:08
तिथि
त्रयोदशी · तड़के 5:56 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु · रात 3:13 तक
योग
वज्र
करण
गर
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:04 – सुबह 11:40
यमगंड
दोपहर 2:54 – शाम 4:31
गुलिक काल
सुबह 6:50 – सुबह 8:27
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:08 – सुबह 11:56
अमृत काल
दोपहर 12:29 – दोपहर 2:06

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आज कोलकाता में

शुक्र, 15 अगस्त 2031 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 5:13 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग वज्र और करण गर है। राहु काल सुबह 10:04 – सुबह 11:40 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोलकाता – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 16 अगस्त 2031त्रयोदशीपुष्यसुबह 8:27 – सुबह 10:04
रवि, 17 अगस्त 2031चतुर्दशीपुष्यशाम 4:30 – शाम 6:07
सोम, 18 अगस्त 2031अमावस्याआश्लेषासुबह 6:50 – सुबह 8:27
मंगल, 19 अगस्त 2031प्रतिपदामघादोपहर 2:52 – शाम 4:29
बुध, 20 अगस्त 2031द्वितीयापूर्वा फाल्गुनीसुबह 11:39 – दोपहर 1:16
गुरु, 21 अगस्त 2031तृतीयाउत्तरा फाल्गुनीदोपहर 1:15 – दोपहर 2:51

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 15 अगस्त 2031 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; तड़के 5:56 तक।

शुक्र, 15 अगस्त 2031 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुनर्वसु है; रात 3:13 तक।

शुक्र, 15 अगस्त 2031 को कोलकाता में राहु काल कब है?

कोलकाता में राहु काल सुबह 10:04 – सुबह 11:40 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 15 अगस्त 2031 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:13 और सूर्यास्त शाम 6:08 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।