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दैनिक पंचांग

कोलकाता पंचांग, गुरु, 31 जुलाई 2031

गुरु, 31 जुलाई 2031 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 5:07 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग ब्रह्म और करण बव है। राहु काल दोपहर 1:21 – दोपहर 3:00 है।

सूर्योदय
तड़के 5:07
सूर्यास्त
शाम 6:18
तिथि
द्वादशी · शाम 6:23 तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा · तड़के 5:41 तक
योग
ब्रह्म
करण
बव
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:21 – दोपहर 3:00
यमगंड
तड़के 5:07 – सुबह 6:46
गुलिक काल
सुबह 8:25 – सुबह 10:04
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:09 – सुबह 11:57
अमृत काल
सुबह 10:53 – दोपहर 12:32

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आज कोलकाता में

गुरु, 31 जुलाई 2031 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 5:07 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग ब्रह्म और करण बव है। राहु काल दोपहर 1:21 – दोपहर 3:00 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोलकाता – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 1 अगस्त 2031त्रयोदशीपूर्वाषाढ़ासुबह 10:04 – सुबह 11:42
शनि, 2 अगस्त 2031चतुर्दशीउत्तराषाढ़ासुबह 8:25 – सुबह 10:04
रवि, 3 अगस्त 2031पूर्णिमाश्रवणशाम 4:38 – शाम 6:16
सोम, 4 अगस्त 2031द्वितीयाधनिष्ठासुबह 6:47 – सुबह 8:25
मंगल, 5 अगस्त 2031तृतीयाशतभिषादोपहर 2:58 – शाम 4:37
बुध, 6 अगस्त 2031चतुर्थीपूर्वा भाद्रपदसुबह 11:42 – दोपहर 1:20

सामान्य प्रश्न

गुरु, 31 जुलाई 2031 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; शाम 6:23 तक।

गुरु, 31 जुलाई 2031 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र ज्येष्ठा है; तड़के 5:41 तक।

गुरु, 31 जुलाई 2031 को कोलकाता में राहु काल कब है?

कोलकाता में राहु काल दोपहर 1:21 – दोपहर 3:00 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 31 जुलाई 2031 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:07 और सूर्यास्त शाम 6:18 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।