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दैनिक पंचांग

कोलकाता पंचांग, बुध, 28 मई 2031

बुध, 28 मई 2031 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 4:52 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र आश्लेषा, योग वृद्धि और करण गर है। राहु काल सुबह 11:33 – दोपहर 1:14 है।

सूर्योदय
तड़के 4:52
सूर्यास्त
शाम 6:15
तिथि
सप्तमी · तड़के 4:11 तक
नक्षत्र
आश्लेषा · दोपहर 2:11 तक
योग
वृद्धि
करण
गर
वार
बुधवार
राहु काल
सुबह 11:33 – दोपहर 1:14
यमगंड
सुबह 6:32 – सुबह 8:13
गुलिक काल
सुबह 9:53 – सुबह 11:33
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:00 – सुबह 11:48
अमृत काल
सुबह 9:03 – सुबह 10:43

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आज कोलकाता में

बुध, 28 मई 2031 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 4:52 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र आश्लेषा, योग वृद्धि और करण गर है। राहु काल सुबह 11:33 – दोपहर 1:14 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोलकाता – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 29 मई 2031अष्टमीमघादोपहर 1:14 – दोपहर 2:54
शुक्र, 30 मई 2031नवमीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 9:53 – सुबह 11:34
शनि, 31 मई 2031नवमीउत्तरा फाल्गुनीसुबह 8:13 – सुबह 9:53
रवि, 1 जून 2031एकादशीहस्तशाम 4:36 – शाम 6:17
सोम, 2 जून 2031द्वादशीचित्रासुबह 6:32 – सुबह 8:13
मंगल, 3 जून 2031त्रयोदशीस्वातीदोपहर 2:56 – शाम 4:37

सामान्य प्रश्न

बुध, 28 मई 2031 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; तड़के 4:11 तक।

बुध, 28 मई 2031 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आश्लेषा है; दोपहर 2:11 तक।

बुध, 28 मई 2031 को कोलकाता में राहु काल कब है?

कोलकाता में राहु काल सुबह 11:33 – दोपहर 1:14 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 28 मई 2031 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 4:52 और सूर्यास्त शाम 6:15 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।