दैनिक पंचांग
कोलकाता पंचांग, मंगल, 22 अप्रैल 2031
मंगल, 22 अप्रैल 2031 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 5:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र अश्विनी, योग विष्कम्भ और करण किंस्तुघ्न है। राहु काल दोपहर 2:47 – शाम 4:23 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:11
- सूर्यास्त
- शाम 5:59
- तिथि
- प्रतिपदा · रात 11:11 तक
- नक्षत्र
- अश्विनी · सुबह 10:14 तक
- योग
- विष्कम्भ
- करण
- किंस्तुघ्न
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 2:47 – शाम 4:23
- यमगंड
- सुबह 8:23 – सुबह 9:59
- गुलिक काल
- सुबह 11:35 – दोपहर 1:11
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:03 – सुबह 11:51
- अमृत काल
- सुबह 7:35 – सुबह 9:11
आज कोलकाता में
मंगल, 22 अप्रैल 2031 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 5:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र अश्विनी, योग विष्कम्भ और करण किंस्तुघ्न है। राहु काल दोपहर 2:47 – शाम 4:23 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 23 अप्रैल 2031 | द्वितीया | भरणी | सुबह 11:35 – दोपहर 1:11 |
| गुरु, 24 अप्रैल 2031 | तृतीया | कृत्तिका | दोपहर 1:11 – दोपहर 2:47 |
| शुक्र, 25 अप्रैल 2031 | चतुर्थी | रोहिणी | सुबह 9:58 – सुबह 11:34 |
| शनि, 26 अप्रैल 2031 | पंचमी | मृगशिरा | सुबह 8:21 – सुबह 9:57 |
| रवि, 27 अप्रैल 2031 | पंचमी | आर्द्रा | शाम 4:24 – शाम 6:01 |
| सोम, 28 अप्रैल 2031 | षष्ठी | पुनर्वसु | सुबह 6:43 – सुबह 8:20 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 22 अप्रैल 2031 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; रात 11:11 तक।
मंगल, 22 अप्रैल 2031 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र अश्विनी है; सुबह 10:14 तक।
मंगल, 22 अप्रैल 2031 को कोलकाता में राहु काल कब है?
कोलकाता में राहु काल दोपहर 2:47 – शाम 4:23 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 22 अप्रैल 2031 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:11 और सूर्यास्त शाम 5:59 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।