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दैनिक पंचांग

कोलकाता पंचांग, गुरु, 3 अप्रैल 2031

गुरु, 3 अप्रैल 2031 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 5:27 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र आश्लेषा, योग सुकर्मा और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 1:13 – दोपहर 2:46 है।

सूर्योदय
तड़के 5:27
सूर्यास्त
शाम 5:52
तिथि
एकादशी · रात 12:36 तक
नक्षत्र
आश्लेषा · रात 9:39 तक
योग
सुकर्मा
करण
वणिज
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:13 – दोपहर 2:46
यमगंड
तड़के 5:27 – सुबह 7:00
गुलिक काल
सुबह 8:33 – सुबह 10:07
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:09 – सुबह 11:57
अमृत काल
सुबह 10:53 – दोपहर 12:26

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आज कोलकाता में

गुरु, 3 अप्रैल 2031 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 5:27 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र आश्लेषा, योग सुकर्मा और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 1:13 – दोपहर 2:46 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोलकाता – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 4 अप्रैल 2031द्वादशीमघासुबह 10:06 – सुबह 11:39
शनि, 5 अप्रैल 2031त्रयोदशीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 8:32 – सुबह 10:06
रवि, 6 अप्रैल 2031चतुर्दशीउत्तरा फाल्गुनीशाम 4:19 – शाम 5:53
सोम, 7 अप्रैल 2031पूर्णिमाहस्तसुबह 6:57 – सुबह 8:31
मंगल, 8 अप्रैल 2031प्रतिपदाचित्रादोपहर 2:46 – शाम 4:20
बुध, 9 अप्रैल 2031द्वितीयास्वातीसुबह 11:38 – दोपहर 1:12

सामान्य प्रश्न

गुरु, 3 अप्रैल 2031 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; रात 12:36 तक।

गुरु, 3 अप्रैल 2031 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आश्लेषा है; रात 9:39 तक।

गुरु, 3 अप्रैल 2031 को कोलकाता में राहु काल कब है?

कोलकाता में राहु काल दोपहर 1:13 – दोपहर 2:46 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 3 अप्रैल 2031 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:27 और सूर्यास्त शाम 5:52 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।