दैनिक पंचांग
कोलकाता पंचांग, मंगल, 11 फ़रवरी 2031
मंगल, 11 फ़रवरी 2031 को कोलकाता में सूर्योदय सुबह 6:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग सुकर्मा और करण बव है। राहु काल दोपहर 2:40 – शाम 4:05 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:11
- सूर्यास्त
- शाम 5:30
- तिथि
- चतुर्थी · रात 7:50 तक
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनी · सुबह 8:14 तक
- योग
- सुकर्मा
- करण
- बव
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 2:40 – शाम 4:05
- यमगंड
- सुबह 9:00 – सुबह 10:25
- गुलिक काल
- सुबह 11:50 – दोपहर 1:15
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:22 – दोपहर 12:10
- अमृत काल
- सुबह 8:18 – सुबह 9:43
आज कोलकाता में
मंगल, 11 फ़रवरी 2031 को कोलकाता में सूर्योदय सुबह 6:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग सुकर्मा और करण बव है। राहु काल दोपहर 2:40 – शाम 4:05 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 12 फ़रवरी 2031 | पंचमी | हस्त | सुबह 11:50 – दोपहर 1:15 |
| गुरु, 13 फ़रवरी 2031 | षष्ठी | चित्रा | दोपहर 1:16 – दोपहर 2:41 |
| शुक्र, 14 फ़रवरी 2031 | सप्तमी | स्वाती | सुबह 10:25 – सुबह 11:50 |
| शनि, 15 फ़रवरी 2031 | अष्टमी | विशाखा | सुबह 8:59 – सुबह 10:25 |
| रवि, 16 फ़रवरी 2031 | नवमी | अनुराधा | शाम 4:07 – शाम 5:33 |
| सोम, 17 फ़रवरी 2031 | दशमी | मूल | सुबह 7:33 – सुबह 8:58 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 11 फ़रवरी 2031 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; रात 7:50 तक।
मंगल, 11 फ़रवरी 2031 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी है; सुबह 8:14 तक।
मंगल, 11 फ़रवरी 2031 को कोलकाता में राहु काल कब है?
कोलकाता में राहु काल दोपहर 2:40 – शाम 4:05 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 11 फ़रवरी 2031 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:11 और सूर्यास्त शाम 5:30 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।