दैनिक पंचांग
कोलकाता पंचांग, बुध, 15 जनवरी 2031
बुध, 15 जनवरी 2031 को कोलकाता में सूर्योदय सुबह 6:18 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र हस्त, योग शोभन और करण वणिज है। राहु काल सुबह 11:45 – दोपहर 1:07 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:18
- सूर्यास्त
- शाम 5:12
- तिथि
- षष्ठी · सुबह 7:10 तक
- नक्षत्र
- हस्त · रात 3:00 तक
- योग
- शोभन
- करण
- वणिज
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- सुबह 11:45 – दोपहर 1:07
- यमगंड
- सुबह 7:40 – सुबह 9:02
- गुलिक काल
- सुबह 10:24 – सुबह 11:45
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:18 – दोपहर 12:06
- अमृत काल
- सुबह 9:43 – सुबह 11:04
आज कोलकाता में
बुध, 15 जनवरी 2031 को कोलकाता में सूर्योदय सुबह 6:18 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र हस्त, योग शोभन और करण वणिज है। राहु काल सुबह 11:45 – दोपहर 1:07 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 16 जनवरी 2031 | सप्तमी | चित्रा | दोपहर 1:08 – दोपहर 2:29 |
| शुक्र, 17 जनवरी 2031 | अष्टमी | स्वाती | सुबह 10:24 – सुबह 11:46 |
| शनि, 18 जनवरी 2031 | दशमी | विशाखा | सुबह 9:02 – सुबह 10:24 |
| रवि, 19 जनवरी 2031 | एकादशी | अनुराधा | दोपहर 3:53 – शाम 5:15 |
| सोम, 20 जनवरी 2031 | द्वादशी | ज्येष्ठा | सुबह 7:40 – सुबह 9:03 |
| मंगल, 21 जनवरी 2031 | त्रयोदशी | मूल | दोपहर 2:32 – दोपहर 3:54 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 15 जनवरी 2031 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; सुबह 7:10 तक।
बुध, 15 जनवरी 2031 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र हस्त है; रात 3:00 तक।
बुध, 15 जनवरी 2031 को कोलकाता में राहु काल कब है?
कोलकाता में राहु काल सुबह 11:45 – दोपहर 1:07 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 15 जनवरी 2031 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:18 और सूर्यास्त शाम 5:12 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।