दैनिक पंचांग
कोलकाता पंचांग, गुरु, 7 नवंबर 2030
गुरु, 7 नवंबर 2030 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 5:44 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग व्याघात और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 12:44 – दोपहर 2:08 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:44
- सूर्यास्त
- शाम 4:55
- तिथि
- त्रयोदशी · तड़के 5:30 तक
- नक्षत्र
- उत्तरा भाद्रपद · सुबह 8:56 तक
- योग
- व्याघात
- करण
- कौलव
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 12:44 – दोपहर 2:08
- यमगंड
- तड़के 5:44 – सुबह 7:08
- गुलिक काल
- सुबह 8:32 – सुबह 9:56
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 10:52 – सुबह 11:40
- अमृत काल
- सुबह 10:38 – दोपहर 12:02
आज कोलकाता में
गुरु, 7 नवंबर 2030 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 5:44 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग व्याघात और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 12:44 – दोपहर 2:08 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 8 नवंबर 2030 | चतुर्दशी | रेवती | सुबह 9:56 – सुबह 11:20 |
| शनि, 9 नवंबर 2030 | चतुर्दशी | अश्विनी | सुबह 8:32 – सुबह 9:56 |
| रवि, 10 नवंबर 2030 | पूर्णिमा | भरणी | दोपहर 3:31 – शाम 4:54 |
| सोम, 11 नवंबर 2030 | प्रतिपदा | कृत्तिका | सुबह 7:10 – सुबह 8:33 |
| मंगल, 12 नवंबर 2030 | द्वितीया | रोहिणी | दोपहर 2:07 – दोपहर 3:30 |
| बुध, 13 नवंबर 2030 | तृतीया | मृगशिरा | सुबह 11:20 – दोपहर 12:43 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 7 नवंबर 2030 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; तड़के 5:30 तक।
गुरु, 7 नवंबर 2030 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद है; सुबह 8:56 तक।
गुरु, 7 नवंबर 2030 को कोलकाता में राहु काल कब है?
कोलकाता में राहु काल दोपहर 12:44 – दोपहर 2:08 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 7 नवंबर 2030 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:44 और सूर्यास्त शाम 4:55 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।