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दैनिक पंचांग

कोलकाता पंचांग, बुध, 17 अप्रैल 2030

बुध, 17 अप्रैल 2030 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 5:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र हस्त, योग ध्रुव और करण वणिज है। राहु काल सुबह 11:36 – दोपहर 1:11 है।

सूर्योदय
तड़के 5:15
सूर्यास्त
शाम 5:57
तिथि
चतुर्दशी · दोपहर 12:18 तक
नक्षत्र
हस्त · शाम 4:00 तक
योग
ध्रुव
करण
वणिज
वार
बुधवार
राहु काल
सुबह 11:36 – दोपहर 1:11
यमगंड
सुबह 6:50 – सुबह 8:25
गुलिक काल
सुबह 10:00 – सुबह 11:36
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:04 – सुबह 11:52
अमृत काल
सुबह 9:13 – सुबह 10:48

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आज कोलकाता में

बुध, 17 अप्रैल 2030 को कोलकाता में सूर्योदय तड़के 5:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र हस्त, योग ध्रुव और करण वणिज है। राहु काल सुबह 11:36 – दोपहर 1:11 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोलकाता के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोलकाता – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 18 अप्रैल 2030पूर्णिमाचित्रादोपहर 1:11 – दोपहर 2:47
शुक्र, 19 अप्रैल 2030द्वितीयास्वातीसुबह 10:00 – सुबह 11:35
शनि, 20 अप्रैल 2030तृतीयाविशाखासुबह 8:24 – सुबह 9:59
रवि, 21 अप्रैल 2030चतुर्थीज्येष्ठाशाम 4:23 – शाम 5:59
सोम, 22 अप्रैल 2030पंचमीमूलसुबह 6:47 – सुबह 8:23
मंगल, 23 अप्रैल 2030षष्ठीपूर्वाषाढ़ादोपहर 2:47 – शाम 4:23

सामान्य प्रश्न

बुध, 17 अप्रैल 2030 को कोलकाता में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; दोपहर 12:18 तक।

बुध, 17 अप्रैल 2030 को कोलकाता में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र हस्त है; शाम 4:00 तक।

बुध, 17 अप्रैल 2030 को कोलकाता में राहु काल कब है?

कोलकाता में राहु काल सुबह 11:36 – दोपहर 1:11 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 17 अप्रैल 2030 को कोलकाता में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:15 और सूर्यास्त शाम 5:57 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।