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दैनिक पंचांग

कोच्चि पंचांग, गुरु, 25 दिसंबर 2031

गुरु, 25 दिसंबर 2031 को कोच्चि में सूर्योदय सुबह 6:38 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र कृत्तिका, योग शिव और करण बालव है। राहु काल दोपहर 1:51 – दोपहर 3:17 है।

सूर्योदय
सुबह 6:38
सूर्यास्त
शाम 6:11
तिथि
द्वादशी · शाम 5:50 तक
नक्षत्र
कृत्तिका · सुबह 7:01 तक
योग
शिव
करण
बालव
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:51 – दोपहर 3:17
यमगंड
सुबह 6:38 – सुबह 8:04
गुलिक काल
सुबह 9:31 – सुबह 10:58
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:55 – दोपहर 12:43
अमृत काल
सुबह 11:41 – दोपहर 1:08

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आज कोच्चि में

गुरु, 25 दिसंबर 2031 को कोच्चि में सूर्योदय सुबह 6:38 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र कृत्तिका, योग शिव और करण बालव है। राहु काल दोपहर 1:51 – दोपहर 3:17 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोच्चि के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोच्चि – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 26 दिसंबर 2031त्रयोदशीकृत्तिकासुबह 10:58 – दोपहर 12:25
शनि, 27 दिसंबर 2031चतुर्दशीरोहिणीसुबह 9:32 – सुबह 10:59
रवि, 28 दिसंबर 2031पूर्णिमामृगशिराशाम 4:46 – शाम 6:12
सोम, 29 दिसंबर 2031प्रतिपदाआर्द्रासुबह 8:06 – सुबह 9:33
मंगल, 30 दिसंबर 2031द्वितीयापुनर्वसुदोपहर 3:20 – शाम 4:47
बुध, 31 दिसंबर 2031तृतीयापुष्यदोपहर 12:27 – दोपहर 1:54

सामान्य प्रश्न

गुरु, 25 दिसंबर 2031 को कोच्चि में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; शाम 5:50 तक।

गुरु, 25 दिसंबर 2031 को कोच्चि में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र कृत्तिका है; सुबह 7:01 तक।

गुरु, 25 दिसंबर 2031 को कोच्चि में राहु काल कब है?

कोच्चि में राहु काल दोपहर 1:51 – दोपहर 3:17 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 25 दिसंबर 2031 को कोच्चि में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:38 और सूर्यास्त शाम 6:11 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।