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दैनिक पंचांग

कोच्चि पंचांग, सोम, 12 मई 2031

सोम, 12 मई 2031 को कोच्चि में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग साध्य और करण वणिज है। राहु काल सुबह 7:38 – सुबह 9:13 है।

सूर्योदय
सुबह 6:04
सूर्यास्त
शाम 6:38
तिथि
षष्ठी · दोपहर 3:46 तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा · शाम 5:04 तक
योग
साध्य
करण
वणिज
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 7:38 – सुबह 9:13
यमगंड
सुबह 10:47 – दोपहर 12:21
गुलिक काल
दोपहर 1:55 – दोपहर 3:29
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:49 – दोपहर 12:37
अमृत काल
सुबह 6:51 – सुबह 8:25

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आज कोच्चि में

सोम, 12 मई 2031 को कोच्चि में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग साध्य और करण वणिज है। राहु काल सुबह 7:38 – सुबह 9:13 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोच्चि के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोच्चि – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 13 मई 2031सप्तमीश्रवणदोपहर 3:29 – शाम 5:03
बुध, 14 मई 2031अष्टमीधनिष्ठादोपहर 12:21 – दोपहर 1:55
गुरु, 15 मई 2031नवमीशतभिषादोपहर 1:55 – दोपहर 3:29
शुक्र, 16 मई 2031दशमीपूर्वा भाद्रपदसुबह 10:46 – दोपहर 12:21
शनि, 17 मई 2031एकादशीउत्तरा भाद्रपदसुबह 9:12 – सुबह 10:46
रवि, 18 मई 2031द्वादशीरेवतीशाम 5:04 – शाम 6:39

सामान्य प्रश्न

सोम, 12 मई 2031 को कोच्चि में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; दोपहर 3:46 तक।

सोम, 12 मई 2031 को कोच्चि में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है; शाम 5:04 तक।

सोम, 12 मई 2031 को कोच्चि में राहु काल कब है?

कोच्चि में राहु काल सुबह 7:38 – सुबह 9:13 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 12 मई 2031 को कोच्चि में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:04 और सूर्यास्त शाम 6:38 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।