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दैनिक पंचांग

कोच्चि पंचांग, सोम, 18 फ़रवरी 2030

सोम, 18 फ़रवरी 2030 को कोच्चि में सूर्योदय सुबह 6:43 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र मघा, योग शोभन और करण बव है। राहु काल सुबह 8:12 – सुबह 9:41 है।

सूर्योदय
सुबह 6:43
सूर्यास्त
शाम 6:34
तिथि
पूर्णिमा · सुबह 11:50 तक
नक्षत्र
मघा · रात 1:35 तक
योग
शोभन
करण
बव
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 8:12 – सुबह 9:41
यमगंड
सुबह 11:10 – दोपहर 12:38
गुलिक काल
दोपहर 2:07 – दोपहर 3:36
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:09 – दोपहर 12:57
अमृत काल
सुबह 7:28 – सुबह 8:56

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आज कोच्चि में

सोम, 18 फ़रवरी 2030 को कोच्चि में सूर्योदय सुबह 6:43 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र मघा, योग शोभन और करण बव है। राहु काल सुबह 8:12 – सुबह 9:41 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोच्चि के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोच्चि – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 19 फ़रवरी 2030प्रतिपदापूर्वा फाल्गुनीदोपहर 3:36 – शाम 5:05
बुध, 20 फ़रवरी 2030द्वितीयाउत्तरा फाल्गुनीदोपहर 12:38 – दोपहर 2:07
गुरु, 21 फ़रवरी 2030तृतीयाहस्तदोपहर 2:07 – दोपहर 3:36
शुक्र, 22 फ़रवरी 2030पंचमीचित्रासुबह 11:09 – दोपहर 12:38
शनि, 23 फ़रवरी 2030षष्ठीस्वातीसुबह 9:40 – सुबह 11:09
रवि, 24 फ़रवरी 2030सप्तमीविशाखाशाम 5:05 – शाम 6:34

सामान्य प्रश्न

सोम, 18 फ़रवरी 2030 को कोच्चि में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा है; सुबह 11:50 तक।

सोम, 18 फ़रवरी 2030 को कोच्चि में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मघा है; रात 1:35 तक।

सोम, 18 फ़रवरी 2030 को कोच्चि में राहु काल कब है?

कोच्चि में राहु काल सुबह 8:12 – सुबह 9:41 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 18 फ़रवरी 2030 को कोच्चि में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:43 और सूर्यास्त शाम 6:34 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।