सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

कोच्चि पंचांग, गुरु, 13 दिसंबर 2029

गुरु, 13 दिसंबर 2029 को कोच्चि में सूर्योदय सुबह 6:32 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग वज्र और करण बव है। राहु काल दोपहर 1:45 – दोपहर 3:12 है।

सूर्योदय
सुबह 6:32
सूर्यास्त
शाम 6:05
तिथि
अष्टमी · दोपहर 12:09 तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद · दोपहर 12:17 तक
योग
वज्र
करण
बव
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:45 – दोपहर 3:12
यमगंड
सुबह 6:32 – सुबह 7:59
गुलिक काल
सुबह 9:25 – सुबह 10:52
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:50 – दोपहर 12:38
अमृत काल
सुबह 11:35 – दोपहर 1:02

पूरा पंचांग खोलें

आज कोच्चि में

गुरु, 13 दिसंबर 2029 को कोच्चि में सूर्योदय सुबह 6:32 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग वज्र और करण बव है। राहु काल दोपहर 1:45 – दोपहर 3:12 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोच्चि के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोच्चि – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 14 दिसंबर 2029नवमीउत्तरा भाद्रपदसुबह 10:52 – दोपहर 12:19
शनि, 15 दिसंबर 2029दशमीरेवतीसुबह 9:26 – सुबह 10:53
रवि, 16 दिसंबर 2029एकादशीअश्विनीशाम 4:40 – शाम 6:07
सोम, 17 दिसंबर 2029द्वादशीभरणीसुबह 8:01 – सुबह 9:27
मंगल, 18 दिसंबर 2029त्रयोदशीकृत्तिकादोपहर 3:14 – शाम 4:41
बुध, 19 दिसंबर 2029चतुर्दशीरोहिणीदोपहर 12:22 – दोपहर 1:48

सामान्य प्रश्न

गुरु, 13 दिसंबर 2029 को कोच्चि में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; दोपहर 12:09 तक।

गुरु, 13 दिसंबर 2029 को कोच्चि में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है; दोपहर 12:17 तक।

गुरु, 13 दिसंबर 2029 को कोच्चि में राहु काल कब है?

कोच्चि में राहु काल दोपहर 1:45 – दोपहर 3:12 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 13 दिसंबर 2029 को कोच्चि में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:32 और सूर्यास्त शाम 6:05 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।