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दैनिक पंचांग

कोच्चि पंचांग, शनि, 3 नवंबर 2029

शनि, 3 नवंबर 2029 को कोच्चि में सूर्योदय सुबह 6:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग इन्द्र और करण कौलव है। राहु काल सुबह 9:12 – सुबह 10:40 है।

सूर्योदय
सुबह 6:15
सूर्यास्त
शाम 6:01
तिथि
द्वादशी · रात 8:58 तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी · रात 7:00 तक
योग
इन्द्र
करण
कौलव
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 9:12 – सुबह 10:40
यमगंड
दोपहर 1:36 – दोपहर 3:04
गुलिक काल
सुबह 6:15 – सुबह 7:43
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:39 – दोपहर 12:27
अमृत काल
दोपहर 2:20 – दोपहर 3:48

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आज कोच्चि में

शनि, 3 नवंबर 2029 को कोच्चि में सूर्योदय सुबह 6:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग इन्द्र और करण कौलव है। राहु काल सुबह 9:12 – सुबह 10:40 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोच्चि के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

कोच्चि – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 4 नवंबर 2029त्रयोदशीहस्तशाम 4:32 – शाम 6:00
सोम, 5 नवंबर 2029चतुर्दशीचित्रासुबह 7:44 – सुबह 9:12
मंगल, 6 नवंबर 2029अमावस्यास्वातीदोपहर 3:04 – शाम 4:32
बुध, 7 नवंबर 2029प्रतिपदाविशाखादोपहर 12:08 – दोपहर 1:36
गुरु, 8 नवंबर 2029तृतीयाज्येष्ठादोपहर 1:36 – दोपहर 3:04
शुक्र, 9 नवंबर 2029चतुर्थीमूलसुबह 10:40 – दोपहर 12:08

सामान्य प्रश्न

शनि, 3 नवंबर 2029 को कोच्चि में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; रात 8:58 तक।

शनि, 3 नवंबर 2029 को कोच्चि में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी है; रात 7:00 तक।

शनि, 3 नवंबर 2029 को कोच्चि में राहु काल कब है?

कोच्चि में राहु काल सुबह 9:12 – सुबह 10:40 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 3 नवंबर 2029 को कोच्चि में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:15 और सूर्यास्त शाम 6:01 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।