दैनिक पंचांग
कोच्चि पंचांग, गुरु, 14 जून 2029
गुरु, 14 जून 2029 को कोच्चि में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र पुनर्वसु, योग गण्ड और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 2:00 – दोपहर 3:35 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:04
- सूर्यास्त
- शाम 6:46
- तिथि
- द्वितीया · सुबह 10:03 तक
- नक्षत्र
- पुनर्वसु · तड़के 4:43 तक
- योग
- गण्ड
- करण
- कौलव
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 2:00 – दोपहर 3:35
- यमगंड
- सुबह 6:04 – सुबह 7:39
- गुलिक काल
- सुबह 9:14 – सुबह 10:49
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:53 – दोपहर 12:41
- अमृत काल
- सुबह 11:37 – दोपहर 1:12
आज कोच्चि में
गुरु, 14 जून 2029 को कोच्चि में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र पुनर्वसु, योग गण्ड और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 2:00 – दोपहर 3:35 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल कोच्चि के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 15 जून 2029 | तृतीया | पुष्य | सुबह 10:50 – दोपहर 12:25 |
| शनि, 16 जून 2029 | चतुर्थी | आश्लेषा | सुबह 9:15 – सुबह 10:50 |
| रवि, 17 जून 2029 | पंचमी | मघा | शाम 5:11 – शाम 6:46 |
| सोम, 18 जून 2029 | षष्ठी | पूर्वा फाल्गुनी | सुबह 7:40 – सुबह 9:15 |
| मंगल, 19 जून 2029 | अष्टमी | उत्तरा फाल्गुनी | दोपहर 3:36 – शाम 5:12 |
| बुध, 20 जून 2029 | नवमी | हस्त | दोपहर 12:26 – दोपहर 2:01 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 14 जून 2029 को कोच्चि में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; सुबह 10:03 तक।
गुरु, 14 जून 2029 को कोच्चि में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पुनर्वसु है; तड़के 4:43 तक।
गुरु, 14 जून 2029 को कोच्चि में राहु काल कब है?
कोच्चि में राहु काल दोपहर 2:00 – दोपहर 3:35 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 14 जून 2029 को कोच्चि में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:04 और सूर्यास्त शाम 6:46 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।