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दैनिक पंचांग

हैदराबाद पंचांग, गुरु, 3 जून 2032

गुरु, 3 जून 2032 को हैदराबाद में सूर्योदय तड़के 5:40 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग प्रीति और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 1:52 – दोपहर 3:31 है।

सूर्योदय
तड़के 5:40
सूर्यास्त
शाम 6:47
तिथि
दशमी · सुबह 9:47 तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद · तड़के 5:59 तक
योग
प्रीति
करण
विष्टि
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:52 – दोपहर 3:31
यमगंड
तड़के 5:40 – सुबह 7:19
गुलिक काल
सुबह 8:57 – सुबह 10:35
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:41 – दोपहर 12:29
अमृत काल
सुबह 11:25 – दोपहर 1:03

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आज हैदराबाद में

गुरु, 3 जून 2032 को हैदराबाद में सूर्योदय तड़के 5:40 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग प्रीति और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 1:52 – दोपहर 3:31 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल हैदराबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

हैदराबाद – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 4 जून 2032एकादशीअश्विनीसुबह 10:36 – दोपहर 12:14
शनि, 5 जून 2032द्वादशीभरणीसुबह 8:57 – सुबह 10:36
रवि, 6 जून 2032त्रयोदशीकृत्तिकाशाम 5:10 – शाम 6:48
सोम, 7 जून 2032चतुर्दशीकृत्तिकासुबह 7:19 – सुबह 8:58
मंगल, 8 जून 2032अमावस्यारोहिणीदोपहर 3:32 – शाम 5:10
बुध, 9 जून 2032प्रतिपदामृगशिरादोपहर 12:15 – दोपहर 1:54

सामान्य प्रश्न

गुरु, 3 जून 2032 को हैदराबाद में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि दशमी है; सुबह 9:47 तक।

गुरु, 3 जून 2032 को हैदराबाद में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद है; तड़के 5:59 तक।

गुरु, 3 जून 2032 को हैदराबाद में राहु काल कब है?

हैदराबाद में राहु काल दोपहर 1:52 – दोपहर 3:31 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 3 जून 2032 को हैदराबाद में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:40 और सूर्यास्त शाम 6:47 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।