दैनिक पंचांग
हैदराबाद पंचांग, सोम, 10 मई 2032
सोम, 10 मई 2032 को हैदराबाद में सूर्योदय तड़के 5:45 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र कृत्तिका, योग सौभाग्य और करण किंस्तुघ्न है। राहु काल सुबह 7:22 – सुबह 8:59 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:45
- सूर्यास्त
- शाम 6:39
- तिथि
- प्रतिपदा · शाम 6:29 तक
- नक्षत्र
- कृत्तिका · रात 9:55 तक
- योग
- सौभाग्य
- करण
- किंस्तुघ्न
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:22 – सुबह 8:59
- यमगंड
- सुबह 10:35 – दोपहर 12:12
- गुलिक काल
- दोपहर 1:49 – दोपहर 3:25
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:40 – दोपहर 12:28
- अमृत काल
- सुबह 6:34 – सुबह 8:10
आज हैदराबाद में
सोम, 10 मई 2032 को हैदराबाद में सूर्योदय तड़के 5:45 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र कृत्तिका, योग सौभाग्य और करण किंस्तुघ्न है। राहु काल सुबह 7:22 – सुबह 8:59 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल हैदराबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 11 मई 2032 | द्वितीया | रोहिणी | दोपहर 3:26 – शाम 5:02 |
| बुध, 12 मई 2032 | तृतीया | मृगशिरा | दोपहर 12:12 – दोपहर 1:49 |
| गुरु, 13 मई 2032 | चतुर्थी | आर्द्रा | दोपहर 1:49 – दोपहर 3:26 |
| शुक्र, 14 मई 2032 | पंचमी | पुनर्वसु | सुबह 10:35 – दोपहर 12:12 |
| शनि, 15 मई 2032 | षष्ठी | पुष्य | सुबह 8:58 – सुबह 10:35 |
| रवि, 16 मई 2032 | सप्तमी | पुष्य | शाम 5:04 – शाम 6:41 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 10 मई 2032 को हैदराबाद में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; शाम 6:29 तक।
सोम, 10 मई 2032 को हैदराबाद में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र कृत्तिका है; रात 9:55 तक।
सोम, 10 मई 2032 को हैदराबाद में राहु काल कब है?
हैदराबाद में राहु काल सुबह 7:22 – सुबह 8:59 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 10 मई 2032 को हैदराबाद में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:45 और सूर्यास्त शाम 6:39 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।