दैनिक पंचांग
हैदराबाद पंचांग, मंगल, 27 अप्रैल 2032
मंगल, 27 अप्रैल 2032 को हैदराबाद में सूर्योदय तड़के 5:52 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र विशाखा, योग सिद्धि और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 3:24 – शाम 4:59 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:52
- सूर्यास्त
- शाम 6:35
- तिथि
- द्वितीया · रात 7:28 तक
- नक्षत्र
- विशाखा · सुबह 11:57 तक
- योग
- सिद्धि
- करण
- तैतिल
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 3:24 – शाम 4:59
- यमगंड
- सुबह 9:03 – सुबह 10:38
- गुलिक काल
- दोपहर 12:13 – दोपहर 1:49
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:41 – दोपहर 12:29
- अमृत काल
- सुबह 8:15 – सुबह 9:50
आज हैदराबाद में
मंगल, 27 अप्रैल 2032 को हैदराबाद में सूर्योदय तड़के 5:52 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र विशाखा, योग सिद्धि और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 3:24 – शाम 4:59 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल हैदराबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 28 अप्रैल 2032 | तृतीया | अनुराधा | दोपहर 12:13 – दोपहर 1:49 |
| गुरु, 29 अप्रैल 2032 | चतुर्थी | ज्येष्ठा | दोपहर 1:49 – दोपहर 3:24 |
| शुक्र, 30 अप्रैल 2032 | पंचमी | मूल | सुबह 10:37 – दोपहर 12:13 |
| शनि, 1 मई 2032 | षष्ठी | पूर्वाषाढ़ा | सुबह 9:01 – सुबह 10:37 |
| रवि, 2 मई 2032 | सप्तमी | उत्तराषाढ़ा | शाम 5:00 – शाम 6:36 |
| सोम, 3 मई 2032 | अष्टमी | श्रवण | सुबह 7:25 – सुबह 9:01 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 27 अप्रैल 2032 को हैदराबाद में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; रात 7:28 तक।
मंगल, 27 अप्रैल 2032 को हैदराबाद में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र विशाखा है; सुबह 11:57 तक।
मंगल, 27 अप्रैल 2032 को हैदराबाद में राहु काल कब है?
हैदराबाद में राहु काल दोपहर 3:24 – शाम 4:59 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 27 अप्रैल 2032 को हैदराबाद में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:52 और सूर्यास्त शाम 6:35 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।