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दैनिक पंचांग

हैदराबाद पंचांग, शनि, 17 अप्रैल 2032

शनि, 17 अप्रैल 2032 को हैदराबाद में सूर्योदय तड़के 5:58 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग अतिगण्ड और करण वणिज है। राहु काल सुबह 9:07 – सुबह 10:41 है।

सूर्योदय
तड़के 5:58
सूर्यास्त
शाम 6:32
तिथि
सप्तमी · सुबह 7:49 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु · रात 7:50 तक
योग
अतिगण्ड
करण
वणिज
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 9:07 – सुबह 10:41
यमगंड
दोपहर 1:49 – दोपहर 3:24
गुलिक काल
तड़के 5:58 – सुबह 7:32
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:44 – दोपहर 12:32
अमृत काल
दोपहर 2:37 – शाम 4:11

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आज हैदराबाद में

शनि, 17 अप्रैल 2032 को हैदराबाद में सूर्योदय तड़के 5:58 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग अतिगण्ड और करण वणिज है। राहु काल सुबह 9:07 – सुबह 10:41 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल हैदराबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

हैदराबाद – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 18 अप्रैल 2032अष्टमीपुष्यशाम 4:58 – शाम 6:32
सोम, 19 अप्रैल 2032नवमीआश्लेषासुबह 7:31 – सुबह 9:06
मंगल, 20 अप्रैल 2032दशमीमघादोपहर 3:24 – शाम 4:58
बुध, 21 अप्रैल 2032एकादशीपूर्वा फाल्गुनीदोपहर 12:14 – दोपहर 1:49
गुरु, 22 अप्रैल 2032द्वादशीपूर्वा फाल्गुनीदोपहर 1:49 – दोपहर 3:24
शुक्र, 23 अप्रैल 2032त्रयोदशीउत्तरा फाल्गुनीसुबह 10:39 – दोपहर 12:14

सामान्य प्रश्न

शनि, 17 अप्रैल 2032 को हैदराबाद में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; सुबह 7:49 तक।

शनि, 17 अप्रैल 2032 को हैदराबाद में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुनर्वसु है; रात 7:50 तक।

शनि, 17 अप्रैल 2032 को हैदराबाद में राहु काल कब है?

हैदराबाद में राहु काल सुबह 9:07 – सुबह 10:41 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 17 अप्रैल 2032 को हैदराबाद में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:58 और सूर्यास्त शाम 6:32 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।