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दैनिक पंचांग

हैदराबाद पंचांग, गुरु, 5 फ़रवरी 2032

गुरु, 5 फ़रवरी 2032 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:47 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र विशाखा, योग गण्ड और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 1:55 – दोपहर 3:21 है।

सूर्योदय
सुबह 6:47
सूर्यास्त
शाम 6:13
तिथि
अष्टमी · सुबह 7:10 तक
नक्षत्र
विशाखा · शाम 5:39 तक
योग
गण्ड
करण
कौलव
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:55 – दोपहर 3:21
यमगंड
सुबह 6:47 – सुबह 8:12
गुलिक काल
सुबह 9:38 – सुबह 11:04
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:01 – दोपहर 12:49
अमृत काल
सुबह 11:47 – दोपहर 1:12

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आज हैदराबाद में

गुरु, 5 फ़रवरी 2032 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:47 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र विशाखा, योग गण्ड और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 1:55 – दोपहर 3:21 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल हैदराबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

हैदराबाद – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 6 फ़रवरी 2032नवमीअनुराधासुबह 11:04 – दोपहर 12:30
शनि, 7 फ़रवरी 2032एकादशीज्येष्ठासुबह 9:38 – सुबह 11:04
रवि, 8 फ़रवरी 2032द्वादशीमूलशाम 4:48 – शाम 6:14
सोम, 9 फ़रवरी 2032त्रयोदशीपूर्वाषाढ़ासुबह 8:11 – सुबह 9:37
मंगल, 10 फ़रवरी 2032चतुर्दशीउत्तराषाढ़ादोपहर 3:22 – शाम 4:49
बुध, 11 फ़रवरी 2032अमावस्याधनिष्ठादोपहर 12:30 – दोपहर 1:56

सामान्य प्रश्न

गुरु, 5 फ़रवरी 2032 को हैदराबाद में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; सुबह 7:10 तक।

गुरु, 5 फ़रवरी 2032 को हैदराबाद में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र विशाखा है; शाम 5:39 तक।

गुरु, 5 फ़रवरी 2032 को हैदराबाद में राहु काल कब है?

हैदराबाद में राहु काल दोपहर 1:55 – दोपहर 3:21 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 5 फ़रवरी 2032 को हैदराबाद में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:47 और सूर्यास्त शाम 6:13 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।