दैनिक पंचांग
हैदराबाद पंचांग, शनि, 29 नवंबर 2031
शनि, 29 नवंबर 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:28 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र रोहिणी, योग परिघ और करण बालव है। राहु काल सुबह 9:16 – सुबह 10:40 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:28
- सूर्यास्त
- शाम 5:39
- तिथि
- प्रतिपदा · सुबह 6:10 तक
- नक्षत्र
- रोहिणी · रात 2:21 तक
- योग
- परिघ
- करण
- बालव
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 9:16 – सुबह 10:40
- यमगंड
- दोपहर 1:28 – दोपहर 2:51
- गुलिक काल
- सुबह 6:28 – सुबह 7:52
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:36 – दोपहर 12:24
- अमृत काल
- दोपहर 2:09 – दोपहर 3:33
आज हैदराबाद में
शनि, 29 नवंबर 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:28 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र रोहिणी, योग परिघ और करण बालव है। राहु काल सुबह 9:16 – सुबह 10:40 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल हैदराबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 30 नवंबर 2031 | प्रतिपदा | मृगशिरा | शाम 4:15 – शाम 5:39 |
| सोम, 1 दिसंबर 2031 | द्वितीया | आर्द्रा | सुबह 7:53 – सुबह 9:17 |
| मंगल, 2 दिसंबर 2031 | तृतीया | आर्द्रा | दोपहर 2:52 – शाम 4:16 |
| बुध, 3 दिसंबर 2031 | चतुर्थी | पुनर्वसु | दोपहर 12:05 – दोपहर 1:29 |
| गुरु, 4 दिसंबर 2031 | पंचमी | पुष्य | दोपहर 1:29 – दोपहर 2:53 |
| शुक्र, 5 दिसंबर 2031 | षष्ठी | आश्लेषा | सुबह 10:42 – दोपहर 12:06 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 29 नवंबर 2031 को हैदराबाद में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; सुबह 6:10 तक।
शनि, 29 नवंबर 2031 को हैदराबाद में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र रोहिणी है; रात 2:21 तक।
शनि, 29 नवंबर 2031 को हैदराबाद में राहु काल कब है?
हैदराबाद में राहु काल सुबह 9:16 – सुबह 10:40 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 29 नवंबर 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:28 और सूर्यास्त शाम 5:39 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।