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दैनिक पंचांग

हैदराबाद पंचांग, रवि, 19 अक्टूबर 2031

रवि, 19 अक्टूबर 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:10 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र अनुराधा, योग प्रीति और करण गर है। राहु काल शाम 4:24 – शाम 5:51 है।

सूर्योदय
सुबह 6:10
सूर्यास्त
शाम 5:51
तिथि
तृतीया · सुबह 10:13 तक
नक्षत्र
अनुराधा · रात 2:19 तक
योग
प्रीति
करण
गर
वार
रविवार
राहु काल
शाम 4:24 – शाम 5:51
यमगंड
दोपहर 12:00 – दोपहर 1:28
गुलिक काल
दोपहर 2:56 – शाम 4:24
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:31 – दोपहर 12:19
अमृत काल
दोपहर 12:44 – दोपहर 2:12

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आज हैदराबाद में

रवि, 19 अक्टूबर 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:10 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र अनुराधा, योग प्रीति और करण गर है। राहु काल शाम 4:24 – शाम 5:51 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल हैदराबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

हैदराबाद – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 20 अक्टूबर 2031चतुर्थीज्येष्ठासुबह 7:37 – सुबह 9:05
मंगल, 21 अक्टूबर 2031पंचमीमूलदोपहर 2:55 – शाम 4:23
बुध, 22 अक्टूबर 2031सप्तमीपूर्वाषाढ़ादोपहर 12:00 – दोपहर 1:27
गुरु, 23 अक्टूबर 2031अष्टमीउत्तराषाढ़ादोपहर 1:27 – दोपहर 2:54
शुक्र, 24 अक्टूबर 2031नवमीश्रवणसुबह 10:33 – दोपहर 12:00
शनि, 25 अक्टूबर 2031दशमीधनिष्ठासुबह 9:05 – सुबह 10:32

सामान्य प्रश्न

रवि, 19 अक्टूबर 2031 को हैदराबाद में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; सुबह 10:13 तक।

रवि, 19 अक्टूबर 2031 को हैदराबाद में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र अनुराधा है; रात 2:19 तक।

रवि, 19 अक्टूबर 2031 को हैदराबाद में राहु काल कब है?

हैदराबाद में राहु काल शाम 4:24 – शाम 5:51 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 19 अक्टूबर 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:10 और सूर्यास्त शाम 5:51 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।