सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

हैदराबाद पंचांग, शुक्र, 22 अगस्त 2031

शुक्र, 22 अगस्त 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:00 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र हस्त, योग सिद्ध और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 10:44 – दोपहर 12:18 है।

सूर्योदय
सुबह 6:00
सूर्यास्त
शाम 6:37
तिथि
चतुर्थी · दोपहर 2:09 तक
नक्षत्र
हस्त · दोपहर 3:11 तक
योग
सिद्ध
करण
विष्टि
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:44 – दोपहर 12:18
यमगंड
दोपहर 3:28 – शाम 5:02
गुलिक काल
सुबह 7:35 – सुबह 9:09
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:47 – दोपहर 12:35
अमृत काल
दोपहर 1:06 – दोपहर 2:40

पूरा पंचांग खोलें

आज हैदराबाद में

शुक्र, 22 अगस्त 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:00 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र हस्त, योग सिद्ध और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 10:44 – दोपहर 12:18 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल हैदराबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

हैदराबाद – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 23 अगस्त 2031पंचमीचित्रासुबह 9:09 – सुबह 10:44
रवि, 24 अगस्त 2031षष्ठीस्वातीशाम 5:01 – शाम 6:36
सोम, 25 अगस्त 2031सप्तमीविशाखासुबह 7:35 – सुबह 9:09
मंगल, 26 अगस्त 2031अष्टमीअनुराधादोपहर 3:26 – शाम 5:00
बुध, 27 अगस्त 2031नवमीज्येष्ठादोपहर 12:17 – दोपहर 1:51
गुरु, 28 अगस्त 2031दशमीमूलदोपहर 1:51 – दोपहर 3:25

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 22 अगस्त 2031 को हैदराबाद में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; दोपहर 2:09 तक।

शुक्र, 22 अगस्त 2031 को हैदराबाद में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र हस्त है; दोपहर 3:11 तक।

शुक्र, 22 अगस्त 2031 को हैदराबाद में राहु काल कब है?

हैदराबाद में राहु काल सुबह 10:44 – दोपहर 12:18 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 22 अगस्त 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:00 और सूर्यास्त शाम 6:37 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।