दैनिक पंचांग
हैदराबाद पंचांग, सोम, 9 जून 2031
सोम, 9 जून 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय तड़के 5:41 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र श्रवण, योग ब्रह्म और करण कौलव है। राहु काल सुबह 7:19 – सुबह 8:58 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:41
- सूर्यास्त
- शाम 6:49
- तिथि
- पंचमी · रात 12:33 तक
- नक्षत्र
- श्रवण · रात 10:40 तक
- योग
- ब्रह्म
- करण
- कौलव
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:19 – सुबह 8:58
- यमगंड
- सुबह 10:36 – दोपहर 12:15
- गुलिक काल
- दोपहर 1:53 – दोपहर 3:32
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:42 – दोपहर 12:30
- अमृत काल
- सुबह 6:30 – सुबह 8:08
आज हैदराबाद में
सोम, 9 जून 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय तड़के 5:41 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र श्रवण, योग ब्रह्म और करण कौलव है। राहु काल सुबह 7:19 – सुबह 8:58 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल हैदराबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 10 जून 2031 | षष्ठी | धनिष्ठा | दोपहर 3:32 – शाम 5:11 |
| बुध, 11 जून 2031 | सप्तमी | शतभिषा | दोपहर 12:15 – दोपहर 1:54 |
| गुरु, 12 जून 2031 | अष्टमी | पूर्वा भाद्रपद | दोपहर 1:54 – दोपहर 3:33 |
| शुक्र, 13 जून 2031 | नवमी | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 10:37 – दोपहर 12:16 |
| शनि, 14 जून 2031 | दशमी | रेवती | सुबह 8:58 – सुबह 10:37 |
| रवि, 15 जून 2031 | एकादशी | अश्विनी | शाम 5:12 – शाम 6:51 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 9 जून 2031 को हैदराबाद में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; रात 12:33 तक।
सोम, 9 जून 2031 को हैदराबाद में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; रात 10:40 तक।
सोम, 9 जून 2031 को हैदराबाद में राहु काल कब है?
हैदराबाद में राहु काल सुबह 7:19 – सुबह 8:58 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 9 जून 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:41 और सूर्यास्त शाम 6:49 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।