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दैनिक पंचांग

हैदराबाद पंचांग, रवि, 6 अप्रैल 2031

रवि, 6 अप्रैल 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:07 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग गण्ड और करण गर है। राहु काल शाम 4:57 – शाम 6:30 है।

सूर्योदय
सुबह 6:07
सूर्यास्त
शाम 6:30
तिथि
चतुर्दशी · रात 12:10 तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी · रात 11:19 तक
योग
गण्ड
करण
गर
वार
रविवार
राहु काल
शाम 4:57 – शाम 6:30
यमगंड
दोपहर 12:18 – दोपहर 1:51
गुलिक काल
दोपहर 3:24 – शाम 4:57
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:47 – दोपहर 12:35
अमृत काल
दोपहर 1:05 – दोपहर 2:38

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आज हैदराबाद में

रवि, 6 अप्रैल 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:07 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग गण्ड और करण गर है। राहु काल शाम 4:57 – शाम 6:30 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल हैदराबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

हैदराबाद – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 7 अप्रैल 2031पूर्णिमाहस्तसुबह 7:39 – सुबह 9:12
मंगल, 8 अप्रैल 2031प्रतिपदाचित्रादोपहर 3:24 – शाम 4:57
बुध, 9 अप्रैल 2031द्वितीयास्वातीदोपहर 12:17 – दोपहर 1:51
गुरु, 10 अप्रैल 2031तृतीयाविशाखादोपहर 1:50 – दोपहर 3:24
शुक्र, 11 अप्रैल 2031चतुर्थीअनुराधासुबह 10:43 – दोपहर 12:17
शनि, 12 अप्रैल 2031पंचमीज्येष्ठासुबह 9:09 – सुबह 10:43

सामान्य प्रश्न

रवि, 6 अप्रैल 2031 को हैदराबाद में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; रात 12:10 तक।

रवि, 6 अप्रैल 2031 को हैदराबाद में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी है; रात 11:19 तक।

रवि, 6 अप्रैल 2031 को हैदराबाद में राहु काल कब है?

हैदराबाद में राहु काल शाम 4:57 – शाम 6:30 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 6 अप्रैल 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:07 और सूर्यास्त शाम 6:30 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।