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दैनिक पंचांग

हैदराबाद पंचांग, गुरु, 20 मार्च 2031

गुरु, 20 मार्च 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:20 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग शिव और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 1:54 – दोपहर 3:25 है।

सूर्योदय
सुबह 6:20
सूर्यास्त
शाम 6:26
तिथि
द्वादशी · दोपहर 2:20 तक
नक्षत्र
धनिष्ठा · रात 2:56 तक
योग
शिव
करण
तैतिल
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:54 – दोपहर 3:25
यमगंड
सुबह 6:20 – सुबह 7:51
गुलिक काल
सुबह 9:22 – सुबह 10:52
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:53 – दोपहर 12:41
अमृत काल
सुबह 11:38 – दोपहर 1:09

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आज हैदराबाद में

गुरु, 20 मार्च 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:20 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग शिव और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 1:54 – दोपहर 3:25 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल हैदराबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

हैदराबाद – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 21 मार्च 2031त्रयोदशीशतभिषासुबह 10:52 – दोपहर 12:23
शनि, 22 मार्च 2031चतुर्दशीपूर्वा भाद्रपदसुबह 9:21 – सुबह 10:52
रवि, 23 मार्च 2031अमावस्याउत्तरा भाद्रपदशाम 4:56 – शाम 6:27
सोम, 24 मार्च 2031प्रतिपदारेवतीसुबह 7:48 – सुबह 9:20
मंगल, 25 मार्च 2031द्वितीयाअश्विनीदोपहर 3:25 – शाम 4:56
बुध, 26 मार्च 2031तृतीयाभरणीदोपहर 12:21 – दोपहर 1:53

सामान्य प्रश्न

गुरु, 20 मार्च 2031 को हैदराबाद में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; दोपहर 2:20 तक।

गुरु, 20 मार्च 2031 को हैदराबाद में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र धनिष्ठा है; रात 2:56 तक।

गुरु, 20 मार्च 2031 को हैदराबाद में राहु काल कब है?

हैदराबाद में राहु काल दोपहर 1:54 – दोपहर 3:25 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 20 मार्च 2031 को हैदराबाद में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:20 और सूर्यास्त शाम 6:26 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।