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दैनिक पंचांग

हैदराबाद पंचांग, मंगल, 24 दिसंबर 2030

मंगल, 24 दिसंबर 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:42 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग शूल और करण चतुष्पद है। राहु काल दोपहर 3:01 – शाम 4:25 है।

सूर्योदय
सुबह 6:42
सूर्यास्त
शाम 5:48
तिथि
अमावस्या · रात 11:02 तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा · सुबह 9:25 तक
योग
शूल
करण
चतुष्पद
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:01 – शाम 4:25
यमगंड
सुबह 9:29 – सुबह 10:52
गुलिक काल
दोपहर 12:15 – दोपहर 1:38
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:47 – दोपहर 12:35
अमृत काल
सुबह 8:47 – सुबह 10:10

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आज हैदराबाद में

मंगल, 24 दिसंबर 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:42 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग शूल और करण चतुष्पद है। राहु काल दोपहर 3:01 – शाम 4:25 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल हैदराबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

हैदराबाद – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 25 दिसंबर 2030प्रतिपदामूलदोपहर 12:16 – दोपहर 1:39
गुरु, 26 दिसंबर 2030द्वितीयाउत्तराषाढ़ादोपहर 1:39 – दोपहर 3:02
शुक्र, 27 दिसंबर 2030तृतीयाश्रवणसुबह 10:53 – दोपहर 12:17
शनि, 28 दिसंबर 2030चतुर्थीधनिष्ठासुबह 9:30 – सुबह 10:54
रवि, 29 दिसंबर 2030पंचमीशतभिषाशाम 4:27 – शाम 5:51
सोम, 30 दिसंबर 2030षष्ठीपूर्वा भाद्रपदसुबह 8:08 – सुबह 9:31

सामान्य प्रश्न

मंगल, 24 दिसंबर 2030 को हैदराबाद में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अमावस्या है; रात 11:02 तक।

मंगल, 24 दिसंबर 2030 को हैदराबाद में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र ज्येष्ठा है; सुबह 9:25 तक।

मंगल, 24 दिसंबर 2030 को हैदराबाद में राहु काल कब है?

हैदराबाद में राहु काल दोपहर 3:01 – शाम 4:25 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 24 दिसंबर 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:42 और सूर्यास्त शाम 5:48 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।