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दैनिक पंचांग

हैदराबाद पंचांग, सोम, 11 नवंबर 2030

सोम, 11 नवंबर 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:18 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र कृत्तिका, योग व्यतीपात और करण कौलव है। राहु काल सुबह 7:44 – सुबह 9:09 है।

सूर्योदय
सुबह 6:18
सूर्यास्त
शाम 5:41
तिथि
प्रतिपदा · सुबह 11:18 तक
नक्षत्र
कृत्तिका · शाम 6:12 तक
योग
व्यतीपात
करण
कौलव
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 7:44 – सुबह 9:09
यमगंड
सुबह 10:34 – सुबह 11:59
गुलिक काल
दोपहर 1:25 – दोपहर 2:50
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:31 – दोपहर 12:19
अमृत काल
सुबह 7:01 – सुबह 8:26

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आज हैदराबाद में

सोम, 11 नवंबर 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:18 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र कृत्तिका, योग व्यतीपात और करण कौलव है। राहु काल सुबह 7:44 – सुबह 9:09 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल हैदराबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

हैदराबाद – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 12 नवंबर 2030द्वितीयारोहिणीदोपहर 2:50 – शाम 4:15
बुध, 13 नवंबर 2030तृतीयामृगशिरादोपहर 12:00 – दोपहर 1:25
गुरु, 14 नवंबर 2030चतुर्थीआर्द्रादोपहर 1:25 – दोपहर 2:50
शुक्र, 15 नवंबर 2030पंचमीपुनर्वसुसुबह 10:35 – दोपहर 12:00
शनि, 16 नवंबर 2030षष्ठीपुनर्वसुसुबह 9:11 – सुबह 10:35
रवि, 17 नवंबर 2030सप्तमीपुष्यशाम 4:15 – शाम 5:39

सामान्य प्रश्न

सोम, 11 नवंबर 2030 को हैदराबाद में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; सुबह 11:18 तक।

सोम, 11 नवंबर 2030 को हैदराबाद में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र कृत्तिका है; शाम 6:12 तक।

सोम, 11 नवंबर 2030 को हैदराबाद में राहु काल कब है?

हैदराबाद में राहु काल सुबह 7:44 – सुबह 9:09 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 11 नवंबर 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:18 और सूर्यास्त शाम 5:41 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।