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दैनिक पंचांग

हैदराबाद पंचांग, मंगल, 24 सितंबर 2030

मंगल, 24 सितंबर 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:05 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र आश्लेषा, योग शिव और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 3:09 – शाम 4:40 है।

सूर्योदय
सुबह 6:05
सूर्यास्त
शाम 6:10
तिथि
द्वादशी · रात 7:15 तक
नक्षत्र
आश्लेषा · शाम 4:55 तक
योग
शिव
करण
कौलव
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:09 – शाम 4:40
यमगंड
सुबह 9:06 – सुबह 10:37
गुलिक काल
दोपहर 12:07 – दोपहर 1:38
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:37 – दोपहर 12:25
अमृत काल
सुबह 8:21 – सुबह 9:51

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आज हैदराबाद में

मंगल, 24 सितंबर 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:05 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र आश्लेषा, योग शिव और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 3:09 – शाम 4:40 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल हैदराबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

हैदराबाद – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 25 सितंबर 2030त्रयोदशीमघादोपहर 12:07 – दोपहर 1:38
गुरु, 26 सितंबर 2030चतुर्दशीपूर्वा फाल्गुनीदोपहर 1:37 – दोपहर 3:08
शुक्र, 27 सितंबर 2030अमावस्याउत्तरा फाल्गुनीसुबह 10:36 – दोपहर 12:06
शनि, 28 सितंबर 2030प्रतिपदाहस्तसुबह 9:06 – सुबह 10:36
रवि, 29 सितंबर 2030द्वितीयाचित्राशाम 4:36 – शाम 6:06
सोम, 30 सितंबर 2030तृतीयास्वातीसुबह 7:36 – सुबह 9:06

सामान्य प्रश्न

मंगल, 24 सितंबर 2030 को हैदराबाद में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; रात 7:15 तक।

मंगल, 24 सितंबर 2030 को हैदराबाद में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आश्लेषा है; शाम 4:55 तक।

मंगल, 24 सितंबर 2030 को हैदराबाद में राहु काल कब है?

हैदराबाद में राहु काल दोपहर 3:09 – शाम 4:40 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 24 सितंबर 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:05 और सूर्यास्त शाम 6:10 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।