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दैनिक पंचांग

हैदराबाद पंचांग, रवि, 4 अगस्त 2030

रवि, 4 अगस्त 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय तड़के 5:56 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र हस्त, योग शिव और करण बालव है। राहु काल शाम 5:11 – शाम 6:47 है।

सूर्योदय
तड़के 5:56
सूर्यास्त
शाम 6:47
तिथि
पंचमी · दोपहर 2:27 तक
नक्षत्र
हस्त · रात 12:11 तक
योग
शिव
करण
बालव
वार
रविवार
राहु काल
शाम 5:11 – शाम 6:47
यमगंड
दोपहर 12:22 – दोपहर 1:58
गुलिक काल
दोपहर 3:35 – शाम 5:11
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:49 – दोपहर 12:37
अमृत काल
दोपहर 1:10 – दोपहर 2:46

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आज हैदराबाद में

रवि, 4 अगस्त 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय तड़के 5:56 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र हस्त, योग शिव और करण बालव है। राहु काल शाम 5:11 – शाम 6:47 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल हैदराबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

हैदराबाद – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 5 अगस्त 2030षष्ठीचित्रासुबह 7:32 – सुबह 9:09
मंगल, 6 अगस्त 2030सप्तमीस्वातीदोपहर 3:34 – शाम 5:10
बुध, 7 अगस्त 2030अष्टमीविशाखादोपहर 12:21 – दोपहर 1:57
गुरु, 8 अगस्त 2030नवमीअनुराधादोपहर 1:57 – दोपहर 3:33
शुक्र, 9 अगस्त 2030एकादशीज्येष्ठासुबह 10:45 – दोपहर 12:21
शनि, 10 अगस्त 2030द्वादशीमूलसुबह 9:09 – सुबह 10:45

सामान्य प्रश्न

रवि, 4 अगस्त 2030 को हैदराबाद में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; दोपहर 2:27 तक।

रवि, 4 अगस्त 2030 को हैदराबाद में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र हस्त है; रात 12:11 तक।

रवि, 4 अगस्त 2030 को हैदराबाद में राहु काल कब है?

हैदराबाद में राहु काल शाम 5:11 – शाम 6:47 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 4 अगस्त 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:56 और सूर्यास्त शाम 6:47 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।