दैनिक पंचांग
हैदराबाद पंचांग, मंगल, 7 मई 2030
मंगल, 7 मई 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय तड़के 5:47 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र आर्द्रा, योग अतिगण्ड और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 3:25 – शाम 5:01 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:47
- सूर्यास्त
- शाम 6:38
- तिथि
- चतुर्थी · तड़के 5:54 तक
- नक्षत्र
- आर्द्रा · रात 1:28 तक
- योग
- अतिगण्ड
- करण
- विष्टि
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 3:25 – शाम 5:01
- यमगंड
- सुबह 9:00 – सुबह 10:36
- गुलिक काल
- दोपहर 12:12 – दोपहर 1:49
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:40 – दोपहर 12:28
- अमृत काल
- सुबह 8:11 – सुबह 9:48
आज हैदराबाद में
मंगल, 7 मई 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय तड़के 5:47 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र आर्द्रा, योग अतिगण्ड और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 3:25 – शाम 5:01 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल हैदराबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 8 मई 2030 | पंचमी | पुनर्वसु | दोपहर 12:12 – दोपहर 1:49 |
| गुरु, 9 मई 2030 | षष्ठी | पुष्य | दोपहर 1:49 – दोपहर 3:25 |
| शुक्र, 10 मई 2030 | सप्तमी | आश्लेषा | सुबह 10:35 – दोपहर 12:12 |
| शनि, 11 मई 2030 | अष्टमी | आश्लेषा | सुबह 8:59 – सुबह 10:35 |
| रवि, 12 मई 2030 | नवमी | मघा | शाम 5:02 – शाम 6:39 |
| सोम, 13 मई 2030 | दशमी | पूर्वा फाल्गुनी | सुबह 7:21 – सुबह 8:58 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 7 मई 2030 को हैदराबाद में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; तड़के 5:54 तक।
मंगल, 7 मई 2030 को हैदराबाद में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र आर्द्रा है; रात 1:28 तक।
मंगल, 7 मई 2030 को हैदराबाद में राहु काल कब है?
हैदराबाद में राहु काल दोपहर 3:25 – शाम 5:01 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 7 मई 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:47 और सूर्यास्त शाम 6:38 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।