दैनिक पंचांग
हैदराबाद पंचांग, गुरु, 21 मार्च 2030
गुरु, 21 मार्च 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:19 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र हस्त, योग वृद्धि और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 1:54 – दोपहर 3:25 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:19
- सूर्यास्त
- शाम 6:27
- तिथि
- द्वितीया · शाम 5:23 तक
- नक्षत्र
- हस्त · तड़के 5:32 तक
- योग
- वृद्धि
- करण
- तैतिल
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 1:54 – दोपहर 3:25
- यमगंड
- सुबह 6:19 – सुबह 7:50
- गुलिक काल
- सुबह 9:21 – सुबह 10:52
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:53 – दोपहर 12:41
- अमृत काल
- सुबह 11:37 – दोपहर 1:08
आज हैदराबाद में
गुरु, 21 मार्च 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय सुबह 6:19 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र हस्त, योग वृद्धि और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 1:54 – दोपहर 3:25 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल हैदराबाद के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 22 मार्च 2030 | तृतीया | स्वाती | सुबह 10:52 – दोपहर 12:23 |
| शनि, 23 मार्च 2030 | चतुर्थी | विशाखा | सुबह 9:20 – सुबह 10:51 |
| रवि, 24 मार्च 2030 | पंचमी | अनुराधा | शाम 4:56 – शाम 6:27 |
| सोम, 25 मार्च 2030 | षष्ठी | ज्येष्ठा | सुबह 7:47 – सुबह 9:19 |
| मंगल, 26 मार्च 2030 | अष्टमी | मूल | दोपहर 3:24 – शाम 4:56 |
| बुध, 27 मार्च 2030 | नवमी | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 12:21 – दोपहर 1:53 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 21 मार्च 2030 को हैदराबाद में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; शाम 5:23 तक।
गुरु, 21 मार्च 2030 को हैदराबाद में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र हस्त है; तड़के 5:32 तक।
गुरु, 21 मार्च 2030 को हैदराबाद में राहु काल कब है?
हैदराबाद में राहु काल दोपहर 1:54 – दोपहर 3:25 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 21 मार्च 2030 को हैदराबाद में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:19 और सूर्यास्त शाम 6:27 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।