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दैनिक पंचांग

गुवाहाटी पंचांग, शनि, 18 अक्टूबर 2031

शनि, 18 अक्टूबर 2031 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 5:23 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र विशाखा, योग विष्कम्भ और करण कौलव है। राहु काल सुबह 8:15 – सुबह 9:41 है।

सूर्योदय
तड़के 5:23
सूर्यास्त
शाम 4:52
तिथि
द्वितीया · सुबह 11:45 तक
नक्षत्र
विशाखा · रात 3:20 तक
योग
विष्कम्भ
करण
कौलव
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 8:15 – सुबह 9:41
यमगंड
दोपहर 12:34 – दोपहर 2:00
गुलिक काल
तड़के 5:23 – सुबह 6:49
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 10:39 – सुबह 11:27
अमृत काल
दोपहर 1:17 – दोपहर 2:43

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आज गुवाहाटी में

शनि, 18 अक्टूबर 2031 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 5:23 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र विशाखा, योग विष्कम्भ और करण कौलव है। राहु काल सुबह 8:15 – सुबह 9:41 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल गुवाहाटी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

गुवाहाटी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 19 अक्टूबर 2031तृतीयाअनुराधादोपहर 3:25 – शाम 4:51
सोम, 20 अक्टूबर 2031चतुर्थीज्येष्ठासुबह 6:50 – सुबह 8:16
मंगल, 21 अक्टूबर 2031पंचमीमूलदोपहर 1:58 – दोपहर 3:24
बुध, 22 अक्टूबर 2031सप्तमीपूर्वाषाढ़ासुबह 11:07 – दोपहर 12:32
गुरु, 23 अक्टूबर 2031अष्टमीउत्तराषाढ़ादोपहर 12:32 – दोपहर 1:57
शुक्र, 24 अक्टूबर 2031नवमीश्रवणसुबह 9:42 – सुबह 11:07

सामान्य प्रश्न

शनि, 18 अक्टूबर 2031 को गुवाहाटी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; सुबह 11:45 तक।

शनि, 18 अक्टूबर 2031 को गुवाहाटी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र विशाखा है; रात 3:20 तक।

शनि, 18 अक्टूबर 2031 को गुवाहाटी में राहु काल कब है?

गुवाहाटी में राहु काल सुबह 8:15 – सुबह 9:41 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 18 अक्टूबर 2031 को गुवाहाटी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:23 और सूर्यास्त शाम 4:52 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।