दैनिक पंचांग
गुवाहाटी पंचांग, शनि, 6 सितंबर 2031
शनि, 6 सितंबर 2031 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 5:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र भरणी, योग वृद्धि और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 8:13 – सुबह 9:47 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:04
- सूर्यास्त
- शाम 5:37
- तिथि
- पंचमी · सुबह 6:42 तक
- नक्षत्र
- भरणी · रात 9:13 तक
- योग
- वृद्धि
- करण
- तैतिल
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 8:13 – सुबह 9:47
- यमगंड
- दोपहर 12:55 – दोपहर 2:29
- गुलिक काल
- तड़के 5:04 – सुबह 6:39
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 10:49 – सुबह 11:37
- अमृत काल
- दोपहर 1:42 – दोपहर 3:16
आज गुवाहाटी में
शनि, 6 सितंबर 2031 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 5:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र भरणी, योग वृद्धि और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 8:13 – सुबह 9:47 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल गुवाहाटी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 7 सितंबर 2031 | षष्ठी | कृत्तिका | शाम 4:02 – शाम 5:36 |
| सोम, 8 सितंबर 2031 | सप्तमी | रोहिणी | सुबह 6:39 – सुबह 8:13 |
| मंगल, 9 सितंबर 2031 | अष्टमी | मृगशिरा | दोपहर 2:27 – शाम 4:00 |
| बुध, 10 सितंबर 2031 | नवमी | आर्द्रा | सुबह 11:19 – दोपहर 12:53 |
| गुरु, 11 सितंबर 2031 | दशमी | आर्द्रा | दोपहर 12:52 – दोपहर 2:25 |
| शुक्र, 12 सितंबर 2031 | एकादशी | पुनर्वसु | सुबह 9:46 – सुबह 11:19 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 6 सितंबर 2031 को गुवाहाटी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; सुबह 6:42 तक।
शनि, 6 सितंबर 2031 को गुवाहाटी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र भरणी है; रात 9:13 तक।
शनि, 6 सितंबर 2031 को गुवाहाटी में राहु काल कब है?
गुवाहाटी में राहु काल सुबह 8:13 – सुबह 9:47 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 6 सितंबर 2031 को गुवाहाटी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:04 और सूर्यास्त शाम 5:37 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।