सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

गुवाहाटी पंचांग, रवि, 5 जनवरी 2031

रवि, 5 जनवरी 2031 को गुवाहाटी में सूर्योदय सुबह 6:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र कृत्तिका, योग साध्य और करण बालव है। राहु काल दोपहर 3:26 – शाम 4:45 है।

सूर्योदय
सुबह 6:11
सूर्यास्त
शाम 4:45
तिथि
द्वादशी · शाम 4:02 तक
नक्षत्र
कृत्तिका · सुबह 6:42 तक
योग
साध्य
करण
बालव
वार
रविवार
राहु काल
दोपहर 3:26 – शाम 4:45
यमगंड
सुबह 11:28 – दोपहर 12:47
गुलिक काल
दोपहर 2:06 – दोपहर 3:26
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:01 – सुबह 11:49
अमृत काल
दोपहर 12:07 – दोपहर 1:27

पूरा पंचांग खोलें

आज गुवाहाटी में

रवि, 5 जनवरी 2031 को गुवाहाटी में सूर्योदय सुबह 6:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र कृत्तिका, योग साध्य और करण बालव है। राहु काल दोपहर 3:26 – शाम 4:45 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल गुवाहाटी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

गुवाहाटी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 6 जनवरी 2031त्रयोदशीरोहिणीसुबह 7:30 – सुबह 8:50
मंगल, 7 जनवरी 2031चतुर्दशीमृगशिरादोपहर 2:07 – दोपहर 3:27
बुध, 8 जनवरी 2031पूर्णिमाआर्द्रासुबह 11:29 – दोपहर 12:49
गुरु, 9 जनवरी 2031प्रतिपदापुनर्वसुदोपहर 12:49 – दोपहर 2:09
शुक्र, 10 जनवरी 2031द्वितीयापुष्यसुबह 10:10 – सुबह 11:30
शनि, 11 जनवरी 2031तृतीयाआश्लेषासुबह 8:51 – सुबह 10:11

सामान्य प्रश्न

रवि, 5 जनवरी 2031 को गुवाहाटी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; शाम 4:02 तक।

रवि, 5 जनवरी 2031 को गुवाहाटी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र कृत्तिका है; सुबह 6:42 तक।

रवि, 5 जनवरी 2031 को गुवाहाटी में राहु काल कब है?

गुवाहाटी में राहु काल दोपहर 3:26 – शाम 4:45 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 5 जनवरी 2031 को गुवाहाटी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:11 और सूर्यास्त शाम 4:45 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।