दैनिक पंचांग
गुवाहाटी पंचांग, सोम, 30 सितंबर 2030
सोम, 30 सितंबर 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 5:14 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र स्वाती, योग इन्द्र और करण गर है। राहु काल सुबह 6:44 – सुबह 8:13 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:14
- सूर्यास्त
- शाम 5:10
- तिथि
- तृतीया · सुबह 8:03 तक
- नक्षत्र
- स्वाती · सुबह 10:12 तक
- योग
- इन्द्र
- करण
- गर
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 6:44 – सुबह 8:13
- यमगंड
- सुबह 9:43 – सुबह 11:12
- गुलिक काल
- दोपहर 12:42 – दोपहर 2:11
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 10:43 – सुबह 11:31
- अमृत काल
- तड़के 5:59 – सुबह 7:29
आज गुवाहाटी में
सोम, 30 सितंबर 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 5:14 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र स्वाती, योग इन्द्र और करण गर है। राहु काल सुबह 6:44 – सुबह 8:13 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल गुवाहाटी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 1 अक्टूबर 2030 | पंचमी | विशाखा | दोपहर 2:11 – दोपहर 3:40 |
| बुध, 2 अक्टूबर 2030 | षष्ठी | अनुराधा | सुबह 11:12 – दोपहर 12:41 |
| गुरु, 3 अक्टूबर 2030 | सप्तमी | मूल | दोपहर 12:40 – दोपहर 2:09 |
| शुक्र, 4 अक्टूबर 2030 | अष्टमी | पूर्वाषाढ़ा | सुबह 9:42 – सुबह 11:11 |
| शनि, 5 अक्टूबर 2030 | नवमी | उत्तराषाढ़ा | सुबह 8:14 – सुबह 9:42 |
| रवि, 6 अक्टूबर 2030 | दशमी | श्रवण | दोपहर 3:36 – शाम 5:04 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 30 सितंबर 2030 को गुवाहाटी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; सुबह 8:03 तक।
सोम, 30 सितंबर 2030 को गुवाहाटी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र स्वाती है; सुबह 10:12 तक।
सोम, 30 सितंबर 2030 को गुवाहाटी में राहु काल कब है?
गुवाहाटी में राहु काल सुबह 6:44 – सुबह 8:13 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 30 सितंबर 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:14 और सूर्यास्त शाम 5:10 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।