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दैनिक पंचांग

गुवाहाटी पंचांग, मंगल, 27 अगस्त 2030

मंगल, 27 अगस्त 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 5:00 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र पुष्य, योग व्यतीपात और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 2:36 – शाम 4:12 है।

सूर्योदय
तड़के 5:00
सूर्यास्त
शाम 5:48
तिथि
चतुर्दशी · तड़के 5:07 तक
नक्षत्र
पुष्य · सुबह 7:15 तक
योग
व्यतीपात
करण
विष्टि
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 2:36 – शाम 4:12
यमगंड
सुबह 8:12 – सुबह 9:48
गुलिक काल
सुबह 11:24 – दोपहर 1:00
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 10:52 – सुबह 11:40
अमृत काल
सुबह 7:24 – सुबह 9:00

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आज गुवाहाटी में

मंगल, 27 अगस्त 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 5:00 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र पुष्य, योग व्यतीपात और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 2:36 – शाम 4:12 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल गुवाहाटी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

गुवाहाटी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 28 अगस्त 2030अमावस्याआश्लेषासुबह 11:24 – दोपहर 12:59
गुरु, 29 अगस्त 2030प्रतिपदामघादोपहर 12:59 – दोपहर 2:34
शुक्र, 30 अगस्त 2030द्वितीयापूर्वा फाल्गुनीसुबह 9:48 – सुबह 11:23
शनि, 31 अगस्त 2030तृतीयाउत्तरा फाल्गुनीसुबह 8:12 – सुबह 9:48
रवि, 1 सितंबर 2030चतुर्थीहस्तशाम 4:07 – शाम 5:42
सोम, 2 सितंबर 2030पंचमीस्वातीसुबह 6:38 – सुबह 8:13

सामान्य प्रश्न

मंगल, 27 अगस्त 2030 को गुवाहाटी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; तड़के 5:07 तक।

मंगल, 27 अगस्त 2030 को गुवाहाटी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुष्य है; सुबह 7:15 तक।

मंगल, 27 अगस्त 2030 को गुवाहाटी में राहु काल कब है?

गुवाहाटी में राहु काल दोपहर 2:36 – शाम 4:12 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 27 अगस्त 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:00 और सूर्यास्त शाम 5:48 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।