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दैनिक पंचांग

गुवाहाटी पंचांग, शुक्र, 16 अगस्त 2030

शुक्र, 16 अगस्त 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 4:55 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग अतिगण्ड और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 9:49 – सुबह 11:27 है।

सूर्योदय
तड़के 4:55
सूर्यास्त
शाम 5:58
तिथि
तृतीया · दोपहर 12:42 तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद · सुबह 9:16 तक
योग
अतिगण्ड
करण
विष्टि
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 9:49 – सुबह 11:27
यमगंड
दोपहर 2:42 – शाम 4:20
गुलिक काल
सुबह 6:33 – सुबह 8:11
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 10:54 – सुबह 11:42
अमृत काल
दोपहर 12:16 – दोपहर 1:53

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आज गुवाहाटी में

शुक्र, 16 अगस्त 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 4:55 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग अतिगण्ड और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 9:49 – सुबह 11:27 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल गुवाहाटी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

गुवाहाटी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 17 अगस्त 2030चतुर्थीउत्तरा भाद्रपदसुबह 8:11 – सुबह 9:49
रवि, 18 अगस्त 2030पंचमीरेवतीशाम 4:19 – शाम 5:56
सोम, 19 अगस्त 2030षष्ठीअश्विनीसुबह 6:34 – सुबह 8:11
मंगल, 20 अगस्त 2030सप्तमीभरणीदोपहर 2:40 – शाम 4:17
बुध, 21 अगस्त 2030अष्टमीकृत्तिकासुबह 11:26 – दोपहर 1:03
गुरु, 22 अगस्त 2030नवमीरोहिणीदोपहर 1:02 – दोपहर 2:39

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 16 अगस्त 2030 को गुवाहाटी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; दोपहर 12:42 तक।

शुक्र, 16 अगस्त 2030 को गुवाहाटी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है; सुबह 9:16 तक।

शुक्र, 16 अगस्त 2030 को गुवाहाटी में राहु काल कब है?

गुवाहाटी में राहु काल सुबह 9:49 – सुबह 11:27 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 16 अगस्त 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 4:55 और सूर्यास्त शाम 5:58 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।