दैनिक पंचांग
गुवाहाटी पंचांग, सोम, 15 जुलाई 2030
सोम, 15 जुलाई 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 4:40 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग इन्द्र और करण बव है। राहु काल सुबह 6:22 – सुबह 8:04 है।
- सूर्योदय
- तड़के 4:40
- सूर्यास्त
- शाम 6:17
- तिथि
- पूर्णिमा · सुबह 7:42 तक
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा · रात 2:49 तक
- योग
- इन्द्र
- करण
- बव
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 6:22 – सुबह 8:04
- यमगंड
- सुबह 9:46 – सुबह 11:28
- गुलिक काल
- दोपहर 1:11 – दोपहर 2:53
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 10:54 – सुबह 11:42
- अमृत काल
- तड़के 5:31 – सुबह 7:13
आज गुवाहाटी में
सोम, 15 जुलाई 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 4:40 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग इन्द्र और करण बव है। राहु काल सुबह 6:22 – सुबह 8:04 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल गुवाहाटी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 16 जुलाई 2030 | द्वितीया | श्रवण | दोपहर 2:53 – शाम 4:35 |
| बुध, 17 जुलाई 2030 | तृतीया | धनिष्ठा | सुबह 11:29 – दोपहर 1:11 |
| गुरु, 18 जुलाई 2030 | चतुर्थी | शतभिषा | दोपहर 1:11 – दोपहर 2:52 |
| शुक्र, 19 जुलाई 2030 | पंचमी | पूर्वा भाद्रपद | सुबह 9:47 – सुबह 11:29 |
| शनि, 20 जुलाई 2030 | षष्ठी | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 8:06 – सुबह 9:47 |
| रवि, 21 जुलाई 2030 | सप्तमी | रेवती | शाम 4:34 – शाम 6:15 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 15 जुलाई 2030 को गुवाहाटी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा है; सुबह 7:42 तक।
सोम, 15 जुलाई 2030 को गुवाहाटी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है; रात 2:49 तक।
सोम, 15 जुलाई 2030 को गुवाहाटी में राहु काल कब है?
गुवाहाटी में राहु काल सुबह 6:22 – सुबह 8:04 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 15 जुलाई 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 4:40 और सूर्यास्त शाम 6:17 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।