दैनिक पंचांग
गुवाहाटी पंचांग, रवि, 7 जुलाई 2030
रवि, 7 जुलाई 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 4:36 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग व्यतीपात और करण तैतिल है। राहु काल शाम 4:36 – शाम 6:19 है।
- सूर्योदय
- तड़के 4:36
- सूर्यास्त
- शाम 6:19
- तिथि
- षष्ठी · सुबह 6:25 तक
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनी · रात 7:22 तक
- योग
- व्यतीपात
- करण
- तैतिल
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 4:36 – शाम 6:19
- यमगंड
- सुबह 11:27 – दोपहर 1:10
- गुलिक काल
- दोपहर 2:53 – शाम 4:36
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 10:53 – सुबह 11:41
- अमृत काल
- दोपहर 12:19 – दोपहर 2:02
आज गुवाहाटी में
रवि, 7 जुलाई 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय तड़के 4:36 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग व्यतीपात और करण तैतिल है। राहु काल शाम 4:36 – शाम 6:19 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल गुवाहाटी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 8 जुलाई 2030 | अष्टमी | हस्त | सुबह 6:19 – सुबह 8:02 |
| मंगल, 9 जुलाई 2030 | नवमी | चित्रा | दोपहर 2:53 – शाम 4:36 |
| बुध, 10 जुलाई 2030 | दशमी | स्वाती | सुबह 11:28 – दोपहर 1:10 |
| गुरु, 11 जुलाई 2030 | एकादशी | विशाखा | दोपहर 1:11 – दोपहर 2:53 |
| शुक्र, 12 जुलाई 2030 | द्वादशी | अनुराधा | सुबह 9:46 – सुबह 11:28 |
| शनि, 13 जुलाई 2030 | त्रयोदशी | ज्येष्ठा | सुबह 8:04 – सुबह 9:46 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 7 जुलाई 2030 को गुवाहाटी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; सुबह 6:25 तक।
रवि, 7 जुलाई 2030 को गुवाहाटी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी है; रात 7:22 तक।
रवि, 7 जुलाई 2030 को गुवाहाटी में राहु काल कब है?
गुवाहाटी में राहु काल शाम 4:36 – शाम 6:19 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 7 जुलाई 2030 को गुवाहाटी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 4:36 और सूर्यास्त शाम 6:19 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।